• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सावधान: संता-बंता कहीं अब आपको जेल ना पहुंचा दे?

|

नई दिल्ली। हम में शायद ही कोई ऐसा होगा जो कि 'संता-बंता' के नाम से अंजान होगा। हमारी जिंदगी में सांसों की तरह से शामिल हुआ यह करेक्टर पूरे देश में जरूरत से ज्यादा लोकप्रिय है लेकिन शायद अब आपको पेट पकड़कर हंसाने वाला यह करेक्टर मुसीबत में डाल सकता है।

Read: बैन होने से पहले संता-बंता के मजेदार चुटकुले

दरअसल सु्प्रीम कोर्ट में महिला वकील हरविन्दर चौधरी की ने यह याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि संता-बंता का नाम चुटकुलों में शामिल करने का मतलब है कि सिख समुदाय का मजाक बनाना, उनका अपमान करना और उन्हें कमतर आंकना इसलिए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगानी चाहिए।

संता-बंता पर मजाक यानी सिख समुदाय का मजाक

जिस पर न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा सुनवाई करते हुए कहा है कि सिख समुदाय अपने जबर्दस्त हास्यबोध के लिये जाना जाता है और वे भी ऐसे चुटकुलों का आनंद लेते हैं। आपने खुशवंत सिंह के चुटकुले देखे होंगे। यह सिर्फ मनोरंजन है। आप इसे क्यों रोकना चाहते हैं। आपना मुकदमा अच्छी तरह तैयार कीजिये, हम आपको सुनेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका

महिला वकील हरविन्दर चौधरी ने कहा कि उन्हें कई बार इन जोक्स के लिए काफी शर्मिंदा होना पड़ता है इसलिए ही अब सिख समुदाय के बच्चे अपने नाम के आगे कौर या सिंह नहीं लगाना चाहते हैं इसलिए मैंने याचिका दायर की है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The Supreme Court will look into a plea for a ban on websites carrying jokes on Sikhs after a lawyer-petitioner Harvinder Chowdhary told the apex court on Friday the community was projected as a people of low intellect, stupid and foolish.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more