Assembly election: 'पिंजरे में बंद तोता बन गया है चुनाव आयोग', क्यों भड़की उद्धव ठाकरे की शिवसेना?
शिवसेना (उद्धव बाल ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि वह पिंजरे का तोता और दिखावटी बन गया है।
राउत ने चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्था पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह 'भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में दोहरा मापदंड अपना रहा है।'

बीजेपी पर धार्मिक हथकंडा अपनाने का आरोप लगाया
उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में अपने साप्ताहिक स्तंभ 'रोकटोक' में उन्होंने बीजेपी पर भी विधानसभा चुनावों जनाधार खोने की वजह से धार्मिक प्रोपेगंडा फैलाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां जनाधार खोने की वजह से बीजेपी वोटरों को 'रिश्वत' देने जैसा धार्मिक प्रोपेगेंडा खड़ा कर रही है।
पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश में दिए गए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान पर भड़कते बुए उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार सत्ता में लौटने पर अयोध्या में राम मंदिर तक की यात्रा के लिए लोगों से सरकार की ओर से इंतजाम करने का वादा किया है जो स्पष्ट तौर पर धार्मिक आधार पर प्रचार करना है।
लोकतंत्र के लिए खतरनाक- संजय राउत
उद्धव की पार्टी के नेता ने आरोप लगाया कि अगर ऐसा ही बयान कांग्रेस के किसी नेता ने दिया होता तो प्रवर्तन निदेशालय की तरह भारतीय चुनाव आयोग वारंट के साथ उसके घर पर पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि वोटरों को 'घूस' देकर लुभाने की कोशिश चौंकाने वाला है और इसपर चुनाव आयोग का आंख मूंद लेना, लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होना है।
राउत को याद आए शेषन
राउत ने लिखा है, 'टी एन शेषन (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त) ने अपने कार्यकाल के दौरान दिखा दिया था कि चुनाव आयोग को दहाड़ने की जरूरत भी नहीं है, उसे बस अपनी पूंछ हिला देनी है और इससे सभी राजनीतिक दलों में डर पैदा हो जाता है। चुनाव आयोग दिखावटी बन गया है.....'
चुनाव आयोग पिंजरे का तोता बन गया है- राउत
उन्होंने लिखा है, 'जो कुछ भी (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव प्रचार के दौरान) हुआ है, उससे साबित हो गया है कि चुनाव आयोग पिंजरे का तोता बन गया है।'
उन्होंने यह बात रखने की कोशिश की कि जब शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने 1987 में विले पार्ले उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार रमेश प्रभु के लिए हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगा था तो 6 साल के लिए उनका मताधिकार छीन लिया गया था। यही नहीं उपचुनाव में जीतने वाले शिवसेना विधायक सूर्यकांत महाडिक, रमाकांत मयेकर और प्रभु को अयोग्य करार दे दिया गया था।
बीजेपी पर चुनाव आयोग को मैनेज कर लेने का लगाया आरोप
राउत ने आरोप लगाया है कि 'उन्होंने (बीजेपी ने) चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को मैनेज कर लिया है और हिंदुत्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।'
चुनाव आयोग पर लगाया 'दोहरा मानदंड' अपनाने का आरोप
इससे पहले उद्धव की पार्टी ने चुनाव आयोग को अमित शाह के राम मंदिर की यात्रा वाले वादे पर व्यंगात्मक अंदाज में पूछा है कि क्या उसने चुनाव आचार संहिता में ढील दे दी है। अपनी चिट्ठी में शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में 'दोहरा मानदंड' अपनाने का आरोप लगाया है। (इनपुट-पीटीआई)












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