'ये लोग INDIA से डर गए हैं, इसलिए नया-नया फंडा लाते हैं', 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर संजय राउत का तंज
शिवसेना (यूबीटी) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर आने वाले चुनावों में देरी करने की कोशिश कर रही है।
संजय राउत ने कहा, 'मुझे लगता है कि ये एक चुनाव आगे करने के लिए एक साजिश है, ये लोग चुनाव नहीं कराना चाहते...ये लोग INDIA से डर गए हैं, इनके मन में डर है इसलिए नया-नया फंडा लेकर आते हैं।'

संजय राउत ने कहा, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' ठीक है, लेकिन निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए। वे (केंद्र) निष्पक्ष चुनाव की हमारी मांग को टालने के लिए इसे लेकर आए हैं। मुझे लगता है कि यह चुनाव में देरी करने की एक साजिश है।''
WHAT IS 'ONE NATION, ONE ELECTION': क्या है 'वन नेशन, वन इलेक्शन'
'वन नेशन, वन इलेक्शन' का विचार पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने से है। इसका मतलब यह है कि पूरे भारत में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। संभवतः मतदान एक ही समय के आसपास होगा।
वर्तमान में, राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव अलग-अलग होते हैं। मौजूदा सरकार का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने या विभिन्न कारणों से सरकार भंग होने पर चुनाव कराए जाते हैं।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' के लिए केंद्र ने इस मुद्दे का अध्ययन करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को दी गई है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पैनल के प्रमुख के रूप में नियुक्त करने के फैसले पर बोलते हुए संजय राउत ने भाजपा शासित केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
रामनाथ कोविंद को अध्यक्ष बनाए जाने पर क्या बोले संजय राउत?
संजय राउत ने कहा,जब वह राष्ट्रपति थे तो सरकार ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया और अब सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें जिम्मेदारी दी जा रही है। लेकिन हम देख लेंगे।
इस बीच, शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा, एक राष्ट्र, एक चुनाव, जो भी अवधारणा है, उसे सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने की जरूरत है और फिर विचार, योगदान, विचार-विमर्श और चर्चा की जाएगी।












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