नीतीश कुमार को भूलने की बीमारी है, दवा खाएंगे तो वापस इंडिया ब्लॉक में आ जाएंगे: संजय राउत
जिस तरह से नीतीश कुमार ने महागठबंधन का साथ छोड़ एक बार फिर से एनडीए का दामन थाम लिया है उसपर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने तंज कसा है। नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कहा कि ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार को भूलने की बीमारी हो गई है, उन्हें यह याद नहीं रहता है कि वह किस पार्टी के साथ थे।
संजय राउत ने कहा कि ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार को अमनेसिया हो गया है। जब उन्होंने दवा लेंगे तो उन्हें पता चलेगा कि वो भाजपा में चले गए हैं और फिर से वापस इंडिया गठबंधन में लौट आएंगे। देश, राजनीति और लोकतंत्र के लिए यह बीमारी बहुत ही खतरनाक है।

राउत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ना सिर्फ नीतीश कुमार बल्कि गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसी बीमारी का शिकार हो गए हैं। ये वही नेता हैं जो कहते थे कि वह नीतीश कुमार को वापस भाजपा में नहीं लेंगे। बता दें कि बिहार में सियासी उठापटक के बीच नीतीश कुमार ने 18 महीने के महागठबंधन के साथ को छोड़ दिया और फिर से भाजपा से हाथ मिला लिया।
नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर राजभवन में शपथ ली। नीतीश कुमार ने 8 मंत्रियों के साथ रविवार को शपथ ली। नीतीश कुमार के साथ जिन आठ मंत्रियों ने शपथ ली उसमे तीन भाजपा, तीन जदयू और एक हम पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इस बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी की तीखी आलोचना की है।
सामना ने अपने संपादकीय में कहा कि भाजपा के समर्थन से फिर से बिहार के मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने भाजपा विरोधी गुट की अगुवाई की थी, उन्होंने ही पटना में विपक्षी दलों की पहली बैठक बुलाई थी। सामना में लिखा गया कि एक तरफ अयोध्या में भगवान राम हैं तो बिहार में पलटूराम है जो 18 महीने में अपना पाला बदल लेते हैं।












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