संदेशखाली दिखाता है सनातन धर्म मिटाना बयान नहीं अभियान है, बीजेपी ने क्यों लगाया इतना गंभीर आरोप?
बंगाल में संदेशखाली की घटना को लेकर बीजेपी ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पार्टी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक तक में हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है।
बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि सनातन धर्म को मिटाना महज एक बयान नहीं, बल्कि अभियान है और यह अब साबित हो चुका है। बंगाल में संदेशखाली की घटना का सरगना शाहजहां शेख जिस तरह से अबतक फरार है, उससे कई तरह के संदेश पैदा हो रहे हैं।

संदेशखाली की हालात को लेकर टीएमसी पर आक्रामक हुई बीजेपी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर इस वजह से निशाना साधा है, क्योंकि वहां की सरकार पार्टी की महिला विधायक तक को उपद्रव-ग्रस्त संदेशखाली नहीं जाने दे रही है। वहीं टीएमसी का बाहुबली शाहजहां शेख को गिरफ्तार भी नहीं किया जा रहा है।
संदेशखाली की महिलाओं ने टीएमसी के लोगों पर लगाए हैं गंभीर आरोप
शाहजहां शेख और उसके गुर्गों पर आरोप है कि वह न सिर्फ स्थानीय लोगों की जमीनें हड़प चुका है, बल्कि उनकी महिलाओं का यौन उत्पीड़न भी करता रहा है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि टीएमसी नेता के लोग देर रात उन्हें टीएमसी दफ्तर में उठाकर ले जाते हैं और उनका यौन शोषण किया जाता है।
अपराधियों को दिया जा रहा 'सेक्युलर प्रोटेक्शन'-बीजेपी
भाजपा नेता का दावा है कि सिर्फ बंगाल सरकार उसे (शाहजहां शेख को) बचा नहीं रही है, बल्कि एक मानसिकता है, जिसमें लगता है कि चाहे उन्होंने कोई भी अपराध या उत्पीड़न किया हो, उन्हें 'सेक्युलर प्रोटेक्शन' देना है।
'महिलाओं की शिकायतें वोट-बैंक की राजनीति के खिलाफ नजर आ रही हैं'
त्रिवेदी ने कहा कि 'धर्मनिरपेक्ष पार्टियां' चुप हैं, क्योंकि उन्हें महिलाओं की शिकायतें अपने वोट-बैंक की राजनीति के खिलाफ नजर आ रही हैं। वहीं महिला अधिकारों की स्व-घोषित पैरोकारों ने भी चुप्पी साध रखी है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद का कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि पिछले दो शताब्दियों का घटनाक्रम है, जिसने बंगाल को तबाह कर दिया है। उन्होंने राज्य में अतीत में महिलाओं और हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की ओर इशारा किया है।
'कट्टरपंथी मुसलमानों और आपराधिक तत्वों को बचाने में भरोसा'
उन्होंने कहा है कि यह हिंदुओँ और मुस्लिमों की बात नहीं है। उनके मुताबिक कुछ पार्टियां सत्ता में बने रहने के लिए कट्टरपंथी मुसलमानों और आपराधिक तत्वों को बचाने में भरोसा करती हैं, क्योंकि उन्हें भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
'सनातन धर्म मिटाना महज एक बयान नहीं है, बल्कि एक अभियान है'
उन्होंने दावा किया कि 'सनातन धर्म मिटाना महज एक बयान नहीं है, बल्कि एक अभियान है'। इसके लिए उन्होंने हाल ही में कर्नाटक में पास किए गए उस विवादित कानून का भी हवाला दिया है, जिसमें 1 करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना आमदमी वाले मंदिरों से टैक्स के तौर पर 10 फीसदी की उगाही होनी है।
तमिलनाडु के मंत्री ने दिया था सनातन धर्म मिटाने वाला बयान
बता दें कि तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए उसे मिटाने वाला बयान दे दिया था। अब भाजपा ने उसी को आधार बनाकर संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र कर दावा किया है कि यह सब सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। (इनपुट-पीटीआई)












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