सनातन विवाद: BJP पर उदयनिधि का पलटवार, कहा- ये उनकी जिंदा रहने की रणनीति है
तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री उदयनिधि स्टालिन 'सनातन धर्म' के लेकर दिए गए अपने बयान पर कायम हैं। लगातार हो रही आलोचनाओं के बावजूद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि यह उनके जीवित रहने का हथकंडा है और वे नहीं जानते कि कैसे जीवित रहना है?
कैबिनेट मंत्री उदयनिधि स्टालिन की ओर से यह प्रतिक्रिया अयोध्या के साधु द्वारा उनका सिर कलम करने 10 करोड़ का इनाम देने पर आई है। उदयनिधि ने डीएमके कार्यकर्ताओं से संतों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं करने या पुतले नहीं जलाने का आग्रह किया है।

उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि, मैं अपने खिलाफ दायर मामलों का कानूनी तौर पर सामना करूंगा। उदयनिधि ने कहा कि, मोदी एंड कंपनी मणिपुर में भड़के दंगों में 250 से अधिक लोगों की हत्या और 7.5 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सनातन धर्म के मुद्दे को उठा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उदयनिधि ने कहा कि पीएम ने पिछले नौ साल में कुछ नहीं किया है। तमिलनाडु के मंत्री ने कहा, "कभी वह नोटबंदी करते हैं, कभी झोपड़ियों को छिपाने के लिए दीवार बनाते हैं, नया संसद भवन बनाते हैं, वहां एक सेनगोल खड़ा करते हैं, देश का नाम बदलने का खेल खेलते हैं, सीमा पर खड़े होते हैं और सफेद झंडा लहराते हैं।
आपको बता दें कि तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने गत शनिवार को यह टिप्पणी कर विवाद पैदा कर दिया कि 'सनातन धर्म' समानता एवं सामाजिक न्याय के विरुद्ध है और इसका उन्मूलन करने की जरूरत है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने 'सनातन धर्म' की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि इनका उन्मूलन कर देना चाहिए।
जिसके बाद बीजेपी इस मामले में डीएमके और इंडिया गठबंधन पर हमलावर है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया था। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि मंत्रियों को सनातन धर्म की बहस का करारा जवाब देना चाहिए।
जिसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार देर रात दिल्ली के द्वारका में जन्माष्टमी कार्यक्रम में उदयनिधि के बयान का समर्थन करने वालों पर पलटवार किया। स्मृति ने कहा, भगवान कृष्ण के जयकारे इतने ऊंचे होने चाहिए कि वे सनातन धर्म को चुनौती देने वालों तक पहुंचें। जब तक भक्त जीवित हैं, कोई भी हमारे 'धर्म' और आस्था को चुनौती नहीं दे सकता।












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