ड्रग्स केस: गवाह के 18 करोड़ वाले आरोप पर बोले समीर वानेखेड़े- 'जल्द देंगे उपयुक्त जवाब'
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर: एक ओर आर्यन खान को क्रूज शिप ड्रग्स केस में जमानत नहीं मिल रही, तो वहीं दूसरी ओर एनसीबी की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब मामले में एक गवाह ने दावा किया है कि एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े और कथित प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर केपी गोसावी के बीच इस केस को लेकर एक सौदा हुआ था। जिसमें करोड़ों की लेन-देन होनी थी। इसके बाद से एनसीबी पर राजनीतिक दलों के लोग सवाल उठा रहे हैं। अब मामले में खुद एनसीबी अधिकारी का बयान सामने आया है।

दरअसल खुद को केपी गोसावी का बॉडीगार्ड बताने वाले प्रभाकर सेल ने इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने एक हलफनामे में दावा किया कि गोसावी और सैम डिसूजा के बीच 18 करोड़ का सौदा हुआ था, जिसके बारे में उन्होंने सुना था। इसमें 8 करोड़ रुपये एनसीबी को दिए गए। प्रभाकर ने ये भी कहा है कि उसने केपी गोसावी से कैश लिया और उसे सैम डिसूजा को सौंप दिया था। इस मामले में समीर वानखेड़े ने कहा कि जल्द ही हम इन आरोपों पर उपयुक्त जवाब देंगे।
प्रभाकर सेल ये भी कहा कि ड्रग्स मामले में एनसीबी ने उन्हें एक खाली पंचनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा था। जब गोसावी फरार हो गया, तो उनको समीर वानखेड़े से अपनी जान को खतरा महसूस हुआ। छापेमारी वाले दिन वो गोसावी के साथ थे, लेकिन उनको जब्ती के मामले में कोई जानकारी नहीं है।
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गोसावी पर उठ चुके हैं सवाल
गोसावी का नाम तब सामने आया जब उनकी आर्यन के साथ सेल्फी वायरल हुई। वो पूरी कार्रवाई में एनसीबी अधिकारियों के साथ थे। शुरू में उन्हें भी एनसीबी का कर्मचारी समझा जा रहा था, लेकिन बाद में एजेंसी ने साफ किया कि वो सिर्फ गवाह हैं। उनकी मदद इस केस में ली गई थी। इसके बाद इस मामले पर राजनीति शुरू हुई और गोसावी की बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीर वायरल हुई। ये भी खुलासा हुआ कि कई धोखाधड़ी के केस में वो वांटेड हैं और पुलिस को उनकी तलाश है।












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