MP News: श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में संबल 2.0 के लाभों की घोषणा की, 7,227 लाभार्थियों को 160 करोड़ रुपये वितरित किए। कार्यक्रम में अब गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स शामिल हैं, आयुष्मान भारत से लिंक है, और गर्भवती श्रमिकों और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा है, जो सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी निःशुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने "श्रमणा" जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोड़कर रखती है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलॉग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्रीआलोक सिंह, सचिव श्रमरघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडलबंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित थे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्रहियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की।
उल्लेखनीय है कि सम्बल योजना श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। योजना के तहत महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार वहन करती है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाली इस योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी में भरोसे की रोशनी जगाई है। संबल योजना के सभी पंजीकृत हितग्राही 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आज आर्थिक सहायता का माध्यम होने के साथ श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी बन चुकी है।
-
Jan Vishwas Bill: अब मेट्रो में सिगरेट पीना अपराध नहीं? क्या है जन विश्वास बिल, आपकी जिंदगी में क्या बदलेगा? -
Cicada COVID Variant: कितना घातक है कोविड-19 का नया वेरिएंट BA.3.2? भारत में क्या है स्थिति? 23 देशों में कहर! -
Modi Rob Jetten talk: PM मोदी और नीदरलैंड के बीच 'फोन कॉल', किन मुद्दों पर हुई चर्चा? -
Iran America War: 'भारत ही युद्ध रूकवा सकता है', ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव कचरे के डिब्बे में फेंका -
Love Story: धर्म की दीवार तोड़ कनिका शर्मा ने मुस्लिम साकिब सैफी से रचाई शादी, मंगलसूत्र पहनकर पढ़ा निकाह? -
बॉलीवुड की पहली 'लेडी सुपरस्टार' ने 4 Minute तक किया था Kiss, हीरो के छूट गए थे पसीने, फिर मचा था ऐसा बवाल -
IPS अंशिका वर्मा ने केके बिश्नोई से रचाई शादी, क्या अधूरा ख्वाब पूरा करने के लिए त्याग देगी खाकी वर्दी? -
Rahul Banerjee Postmortem रिपोर्ट में शॉकिंग खुलासा, सामने आया ऐसा सच, पुलिस से लेकर परिवार तक के उड़े होश -
Gold Rate Today: मार्च के आखिर में फिर सस्ता हुआ सोना, डेढ़ लाख के नीचे आया भाव, ये है 22k और 18K गोल्ड रेट -
Nitish Kumar Resigns: नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, MLC पद से इस्तीफा, मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस -
UPPSC Topper: कौन हैं नेहा पंचाल? UPPSC की बनीं टॉपर, दूसरे और तीसरे नंबर पर किसने मारी बाजी, टॉप-25 की लिस्ट -
Love Story: सनातन धर्म की तुलना 'मच्छर' से करने वाले उदयानिधि को हुई थी पहली नजर में मोहब्बत, कौन है पत्नी?












Click it and Unblock the Notifications