Sam Pitroda Caste: 'पाकिस्तान को घर जैसा' बताने वाले कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की जाति क्या? दुश्मन से प्रेम?
Sam Pitroda Caste: कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी तकनीकी उपलब्धियां नहीं, बल्कि एक विवादास्पद बयान है। पित्रोदा ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में 'घर जैसा महसूस हुआ', जिसने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया। भाजपा ने इसे कांग्रेस का 'पाकिस्तान प्रेम' करार दिया, तो सैम ने सफाई पेश की कि उनका इरादा साझा इतिहास और लोगों के रिश्तों को उजागर करना था, न कि आतंकवाद को हल्का करना।
लेकिन सवाल उठ रहे हैं - आखिर कौन हैं सैम पित्रोदा? उनकी जाति क्या है, और उनके इस बयान के पीछे का कारण क्या हो सकता है? आइए, इस खबर में सच्चाई की परतें खोलते हैं...

सैम पित्रोदा की जाति: 'विश्कर्मा' कनेक्शन और गुजराती जड़ें
सैम पित्रोदा का पूरा नाम सत्यानारायण गंगाराम पित्रोदा (Satyanarayan Gangaram Pitroda) है, और उनका जन्म 16 नवंबर 1942 को ओडिशा के तितलागढ़ में हुआ था। वे एक गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो मूल रूप से विश्कर्मा समुदाय से हैं - एक समुदाय जो पारंपरिक रूप से कारीगरों से जुड़ा रहा है। राहुल गांधी ने एक बार उन्हें 'विश्कर्मा समुदाय का बेटा' कहकर उनकी पृष्ठभूमि का जिक्र किया था, जो उनकी मेहनत और तकनीकी क्रांति में योगदान को हाइलाइट करता था।
हालांकि, सैम ने इसे अपनी पहचान का हिस्सा माना, लेकिन उनकी जाति को लेकर कोई आधिकारिक दावा या विवाद नहीं रहा। उनकी जड़ें गुजरात से हैं, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई की - वल्लभ विद्यानगर और महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी, वडोदरा से फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में मास्टर डिग्री ली। फिर अमेरिका में इलिनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

'पाकिस्तान को घर जैसा' बयान: क्या है सच?
पित्रोदा ने कहा, 'हमारी विदेश नीति को पड़ोस पर फोकस करना चाहिए। मैं पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल गया - मुझे वहां घर जैसा लगा। लोग मेरे जैसे दिखते हैं, मेरी तरह बात करते हैं, मेरे गाने पसंद करते हैं। हमें शांति से रहना चाहिए।' लेकिन इस बयान ने तूफान खड़ा कर दिया। भाजपा के शहजाद पूनावाला ने इसे 'कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम' बताया, 26/11 और पुलवामा हमलों का हवाला देकर हमला बोला। पित्रोदा ने सफाई दी, 'मेरा मकसद साझा इतिहास और रिश्तों को दिखाना था, न कि आतंकवाद को नजरअंदाज करना।' लेकिन सवाल उठता है - क्या उनकी गुजराती पृष्ठभूमि या ओडिशा में जन्म ने उन्हें पड़ोसी देशों से भावनात्मक जुड़ाव महसूस कराया? या ये महज एक राजनीतिक बयान था?
सैम का सफर: तकनीक से राजनीति तक
सैम पित्रोदा को भारत के टेलीकॉम क्रांति का जनक माना जाता है। 1984 में राजीव गांधी के सलाहकार बनकर उन्होंने C-DOT (Centre for Development of Telematics) की स्थापना की, जो दूरसंचार में क्रांति लाई। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी वे सलाहकार रहे, और 2005-09 में नेशनल नॉलेज कमीशन के चेयरमैन बने। वर्तमान में वे इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख हैं। लेकिन उनकी विवादास्पद टिप्पणियां - 1984 दंगों पर 'हुआ तो हुआ', दक्षिण भारतीयों को अफ्रीकी बताना, और अब पाकिस्तान वाला बयान - पार्टी के लिए सिरदर्द बनीं। क्या ये बयान उनकी निजी सोच हैं, या कांग्रेस की नीति का हिस्सा? ये सवाल अनसुलझा है।

Sam Pitroda Love Story: सैम अपनी जूनियर पर हार बैठे थे दिल!
सैम की लव स्टोरी भी दिलचस्प है। उनकी पत्नी अंजना छाया पित्रोदा (Anjana Chhaya Pitroda) से मुलाकात वडोदरा में हुई, जहां अंजना उनकी जूनियर थीं। परिवार की शुरुआती आपत्ति के बावजूद 1966 में शादी हुई। उनके दो बच्चे हैं - बेटा सलील (Salil) और बेटी राजुल (Rajul)। सैम चूंकि 1964 से शिकागो में रहते हैं, उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अमेरिका से जुड़ा है। क्या यही वैश्विक नजरिया उन्हें पड़ोसियों से 'घर जैसा' एहसास देता है?
Sam Pitroda Net Worth: सैम पित्रोदा कितने अमीर?
सैम की नेटवर्थ 1-9 मिलियन डॉलर (लगभग 8-75 करोड़ रुपये) बताई जाती है, लेकिन ये आंकड़ा अनौपचारिक है। उनकी संपत्ति पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं। विवादों में रहने के बावजूद वे गांधी परिवार के करीबी हैं, जो उनके बयानों को बार-बार बचा लेता है। क्या ये प्रेम पाकिस्तान के लिए है, या सियासी साजिश?
दुश्मन से प्रेम का राज: साजिश या भूल?
पाकिस्तान को 'घर जैसा' कहना कईयों को नागवार गुजरा, खासकर जब हाल ही में पहलगाम हमले में 26 पर्यटक मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने आतंकी कैंप तबाह किए, तो पित्रोदा का बयान समय पर सवाल उठाता है। क्या ये कांग्रेस की नरम नीति का इशारा है, या सैम की व्यक्तिगत राय? उनकी गुजराती जड़ें और वैश्विक जीवनशैली शायद उन्हें सांस्कृतिक एकता दिखाती हो, लेकिन आतंक के साये में ये बयान देशवासियों को चुभा।
सच कहां है?
सैम पित्रोदा की जाति विश्कर्मा है, जो मेहनत और नवाचार की मिसाल रही। लेकिन उनका 'पाकिस्तान प्रेम' विवादास्पद है। क्या ये साझा इतिहास की बात है, या राजनीतिक चाल? आप क्या सोचते हैं - सैम का दिल सचमुच पाकिस्तान के लिए धड़कता है, या ये महज एक गलत बयानी? कमेंट में अपनी राय दें...
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