किराये की भीड़ के बीच में फंसे कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद
नई दिल्ली (ब्यूरो)। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के इस बयान की राजधानी के राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया जगत में कसकर निंदा की जा रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किराए की भीड़ विदेश लेकर जाते हैं। सच पूछिए तो खुर्शीद साहब खुद इस किराये की भीड़ के बीच फंस गये हैं।

वरिष्ठ पत्रकार पदमपति शर्मा कहते हैं कि सत्ता छिने लगभग छह माह बीत चुके हैं पर कांग्रेस को आज भी अपने पतन को लेकर कोई अफसोस नहीं है । उसने शायद ही इस पर खुद में झांका होगा। बस एक सूत्रीय कार्यक्रम मोदी निंदा। चाहे कितने भी बेतुके तर्क हों पर पानी पी पीकर मोदी को कोसना ही है।
विदेशी दौरों पर मोदी की हैरतअंगेज अपार लोकप्रियता जहां देशवासियों को गौरवबोध करा रही है वहीं विरोध की राजनीति मे नौसिखिया कांग्रेस के महान नेता, जिन पर अपंगों की बैसाखियां तक घोंट जाने का घिनौना आरोप है, तोहमत लगा रहे हैं कि मोदी जी साथ मे किराये की भीड़ लेकर विदेश यात्रा पर जाते हैं ।
जुगाड़ू भीड़
कुछ कांग्रेसी नेता अमेरिका और आस्ट्रेलिया की छोड़िये उनका तो यहां तक कहना है कि म्यामार मे भी वह 20 हजार लोग ले गये थे। किराये की भीड़ के बल पर रैली करने के मामले में पायनियर कांग्रेस शायद यह भूल गयी कि जुगाड़ू भीड़ का मुंह तभी खुलता है जब उसे पानी की बोतल, भोजन के पैकेट और नोट नहीं मिलते ।
गूंगी तान
वरिष्ठ लेखक और नाटककार प्रताप सहगल कहते हैं कि सचमुच, मोदी को देखने-सुनने वाले जनसमूह की ऐसी असाधारण मुखरता क्या पैसे के बल पर मिली है? कांग्रेस बजाय जनता के बीच जाने, सिर्फ कोसने में ही समय नष्ट कर रही है। वह यह क्यों याद रखना नहीं चाहती कि मोदी आज देश के प्रधानमंत्री हैं। इसलिये यदि यह महान राष्ट्रीय राजनीतिक दल अब भी नहीं संभला तो अगली बार संख्या 44 से घट कर 22 रह जाएगी।












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