'तान्‍हाजी' के सैफ अली खान ने बताया हिंदू धर्म की कौन सी बातें उन्‍हें पसंद हैं और क्‍यों

मुंबई। बॉलीवुड के जाने-माने एक्‍टर और पटौदी रियासत के वारिस सैफ अली खान हालिया रिलीज 'तान्‍हाजी: द अनसंद हीरो' की सफलता के बाद खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। सैफ की इस सुपरहिट के बाद उनकी एक नई फिल्‍म रिलीज को रेडी है। सैफ अली खान ने अपनी नई फिल्‍म 'जवानी-जानेमन' की रिलीज से पहले बताया है कि उन्‍हें हिंदू धर्म की कौन सी बातें पसंद हैं। सैफ ने अपनी जिंदगी जीने के तरीकों पर बात करते समय हिंदु धर्म के लिए अपने झुकाव पर चर्चा की। सैफ की मानें तो उन्‍हें जिंदगी जीने के लिए हिंदू आइडिया काफी पसंद है।

जिंदगी जीने का हिंदू आइडिया

जिंदगी जीने का हिंदू आइडिया

सैफ ने पिछले दिनों ट्रेलर लॉन्चिंग पर एक सवाल के जवाब में कहा, 'आपको पता होना चाहिए कि आपको किस तरह अपना जीवन बिताना है। मुझे जिंदगी बिताने के लिए यह हिंदू आइडिया काफी पसंद है, जिसमें एक समय होता है, जब आपको पैसा कमाना है, एक टाइम होता है जब आपको आराम करना है।' उन्‍होंने आगे कहा, 'जीवन में हर चीज को करने का एक समय होता है। जब जिस चीज का टाइम आएगा, हम उस समय के हिसाब से दूसरा काम करेंगे, मुझे उसी चीज में खुशी मिलेगी।'

 हिंदू धर्म में जिंदगी के लिए चार आइडिया

हिंदू धर्म में जिंदगी के लिए चार आइडिया

हिंदू धर्म में व्यक्तिगत संस्कार के लिए जीवन को चार आश्रमों में बांटा गया था।ये चार आश्रम थे-ब्रह्मचर्य, गृहस्‍थ, वानप्रस्थ और संन्यास।ब्रह्मचर्य का समय जन्‍म से लेकर 25 साल तक का होता है। उसके बाद गृहस्‍थ आश्रम यानी 25 साल की उम्र से लेकर 50 साल तक की अवस्‍था। 50 साल से लेकर 75 वर्ष तक का समय वानप्रस्‍थ आश्रम होता है। 75 वर्ष की आयु से जब तक मृत्‍यु नहीं होती तब तक संन्‍यास आश्रम का समय होता है। जिस समय यह नियम बना उस समय मनुष्‍य की आयु को 100 साल का माना गया था।

साल 2017 में बोले हिंदू राष्‍ट्र में रहना पसंद करेंगे

साल 2017 में बोले हिंदू राष्‍ट्र में रहना पसंद करेंगे

'तान्‍हाजी' बॉलीवुड की साल 2020 की पहली फिल्‍म है जो 100 करोड़ के क्‍लब में शामिल हुई है। सैफ ने इस फिल्‍म में उदयभान सिंह राठौर का किरदार अदा किया है। सैफ पहले भी हिंदू धर्म को लेकर बातें कर चुके हैं। एक इंटरव्‍यू में उन्‍होंने धर्म परिवर्तन को पूरी तरह से गलत करार दिया था। साल 2017 में सैफ ने एक इंटरव्‍यू दिया था और देश में जारी राष्‍ट्रवाद की बहस पर अपने विचार खुलकर व्‍यक्त किए थे। सैफ ने उस समय कहा था राष्‍ट्रवाद और हिंदूवाद एक जैसे नहीं है। इसके साथ ही सैफ ने यह भी कहा था कि वह एक 'हिंदू राष्‍ट्र' में रहना पसंद करेंगे।

CAA पर क्‍या था सैफ का बयान

CAA पर क्‍या था सैफ का बयान

सैफ यूं तो काफी कम बोलते हैं मगर हाल ही में जब उनसे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर राय मांगी गई थी तो उन्‍होंने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। सैफ ने कहा था कि एक नागरिक के तौर पर वह देश के वर्तमान हालातों से काफी चिंतित हैं। उन्‍होंने यह भी कहा था कि वह स्थिति को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं और जब उन्‍हें इसकी पूरी जानकारी हो जाएगी तभी वह इस पर कुछ कहेंगे। वैसे सैफ साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके हैं और उन्‍होंने देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लाने की वकालत भी की थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+