स्पीकर के नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल सकते हैं सचिन पायलट
नई दिल्ली। राजस्थान का सियासी संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट अब आर-पार के मूड में दिख रहे हैं। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा सचिन पायलट गुट के विधायकों को नोटिस दिया गया है। अब सचिन पायलट इस नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की अपील के बाद स्पीकर सीपी जोशी ने पुष्टि की कि डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके खेमें के विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने का नोटिस भेजे गए हैं। इस नोटिस का जवाब 17 तारीख तक देना है, जिसमें बताना है कि बैठक में ना आने पर उनकी सदस्यता क्यों ना रद्द कर दी जाए। सचिन पायलट ने इस आधार पर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की योजना बना रहे हैं कि गहलोत सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिस का कोई कानूनी आधार नहीं है।
सचिन पायलट और बागी विधायक इस मामले में जारी किए गए नोटिसों पर चुनाव आयोग (ईसी) से सफाई मांग सकता है। कांग्रेस ने मंगलवार को दूसरी सीएलपी बैठक में शामिल नहीं होने पर सचिन पायलट और उनके विधायकों के खिलाफ कांग्रेस ने शिकायत की थी। नोटिस पर सचिन पायलट गुट का कहना है कि हमने व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कुल 22 विधायकों को नोटिस दिया गया था
यह नोटिस सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पी. आर. मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत को भेजा गया है।












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