PC की शुरुआत में रूसी डिप्लोमैट ने ऐसा क्या कह दिया जो होने लगी प्रशंसा? जमकर वायरल हो रहा वीडियो
भारत और रूस की दोस्ती की चर्चा तो पहले से ही दुनियाभर में है, लेकिन दोनों देशों की गहरी दोस्ती की एक नई झलक उस वक्त देखने को मिली जब नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में आयोजित एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस अचानक गर्मजोशी से भर उठी। मिशन के उप-प्रमुख रोमन बाबुश्किन (Roman Babushkin) ने पत्रकारों का हिंदी में अभिवादन करते हुए कहा कि, 'शुरुआत करेंगे, श्रीगणेश करते हैं' और पूरा हॉल मुस्कान और तालियों से गूंज उठा।
इस दौरान एक और हल्का-फुल्का पल तब आया जब एक पत्रकार ने भारत के आयरन डोम के लिए रूस के सपोर्ट के बारे में पूछा। बाबुश्किन ने कथित तौर पर जवाब दिया, 'आपका मतलब सुदर्शन चक्र है? अगली बार मुझसे हिंदी में पूछिएगा, मैं बेहतर जवाब दे पाऊंगा।'

भारत को तेल की आपूर्ति जारी रखेगा रूस
मुख्य बात यह है कि राजनयिक ने पुष्टि की कि प्रतिबंधों के दबाव के बावजूद रूस भारत को तेल की आपूर्ति जारी रखेगा। उन्होंने कहा, 'हमारे पास एक बहुत ही खास व्यवस्था है', और कहा कि रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात स्टेबल रहेगा।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच कब होगी बातचीत?
बाबुश्किन ने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साल खत्म होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं, हालांकि तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब भारत नई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद, जिसमें मॉस्को से नई दिल्ली द्वारा निरंतर क्रूड ऑयल के आयात पर 25 प्रतिशत का नया जुर्माना भी शामिल है, वाशिंगटन के साथ नए तनाव के बीच, भारत द्वारा रूसी तेल खरीद का बचाव और तीखा हो गया है।
रूसी एनर्जी पर निर्भरता कम करने की चेतावनी
इस महीने की शुरुआत में जारी एक कार्यकारी आदेश के तहत व्हाइट हाउस ने भारत को रूसी एनर्जी पर निर्भरता कम करने की फिर से चेतावनी दी।
हालाँकि, नई दिल्ली अपने रुख़ पर कायम रही। भारत का कहना है कि तेल खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हित और बाजार की वास्तविकताओं से तय होती है। दरअसल, 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए, तो मॉस्को ने भारी छूट पर तेल की पेशकश की। इसके बाद भारत ने रूस से आयात तेजी से बढ़ा दिया।
भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रूस
नतीजा यह हुआ कि 2019-20 में भारत की तेल टोकरी में रूस की हिस्सेदारी जहां केवल 1.7% थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 35.1% हो गई और रूस भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया।
भारत-रूस व्यापार में हर साल 10% की वृद्धि की उम्मीद
इसी बीच, यूरोपीय संघ ने पिछले महीने भारत स्थित रूस समर्थित नायरा एनर्जी पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे कंपनी को रिफाइनिंग घटानी पड़ी और अन्य कंपनियों को उसके साथ कारोबार करने से परहेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। फिर भी, रूसी अधिकारियों ने आशावादी रुख दिखाया। उसी प्रेस ब्रीफिंग में रूस के उप-व्यापार प्रतिनिधि एवगेनी ग्रिवा ने कहा कि भारत-रूस के बीच व्यापार में हर साल करीब 10% की वृद्धि* होने की उम्मीद है।
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