आधार को वोटर ID से लिंक करने लिए जल्द आ सकता है नियम, जानें कैसे करेगा काम
नई दिल्ली, 14 मई। सरकार जल्द ही वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने के बारे में नियम ला सकती है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा इस बारे में इलेक्टोरल रोल के बारे में जल्द ही नियम जारी हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह मतदाताओं के लिए आधार की जानकारी साझा करनी अनिवार्य नहीं होगी लेकिन जो शेयर नहीं करते हैं उन्हें इसकी वाजिब वजह बतानी होगी।

इलेक्टोरल रोल मतदाताओं की उस लिस्ट को कहा जाता है जिसमें वोट देने के योग्य लोगों का नाम दर्ज होता है।
सुशील चंद्रा का कार्यकाल शनिवार 14 मई को खत्म हो रहा है। उनकी जगह राजीव कुमार देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे। इलेक्टोरल रोल को आधार से जोड़ने के बारे में सरकार कब नियम जारी करेगी, इस सवाल के जवाब में सुशील चंद्रा ने कहा कि जल्द ही अधिसूचना जारी होगी क्योंकि इस बारे में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। हमने बदलने के लिए फॉर्म भी भेज दिया है जो कि कानून मंत्रालय के पास है। मुझे लगता है कि जल्द ही उन्हें मंजूरी मिल जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने उन पांच राज्यों में टीकाकरण अभियान को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता और चुनाव ड्यूटी में शामिल लोग कोरोनावायरस से सुरक्षित हैं।
बताई प्रमुख उपलब्धियां
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीच में चंद्रा ने अपने कार्यकाल की दो प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र किया जिसमें एक 18 वर्ष के वोटर के नामांकन के लिए साल में एक की जगह चार तिथियों का शामिल करना है। पहले 1 जनवरी तक 18 साल का होने पर ही वोटर लिस्ट में नाम जारी होता था। अगर कोई दो जनवरी को 18 साल का होता है तो उसे एक साल तक इंतजार करना होता था। अब इसे बदलकर साल में चार बार किया गया है। इसके अलावा उन्होंने इलेक्टोरल रोल्स का आधार कार्ड से जोड़ने को भी अहम सुधार बताया। पहले एक वोटर का नाम कई जगहों पर दर्ज हो जाता था लेकिन आधार से जुड़ने के बाद यह नहीं हो सकेगा।
आधार की जानकारी देना होगा स्वैच्छिक
जब चंद्रा से पूछा गया कि आधार की जानकारी साझा करना स्वैच्छिक होगा या नहीं तो उन्होंने कहा "यह स्वैच्छिक होगा लेकिन मतदाताओं को आधार नंबर न देने के लिए पर्याप्त कारण बताना होगा। जैसे यह हो सकता है कि किसी के पास आधार न हो या फिर उसने आधार के लिए आवेदन न किया हो।" उन्होंने कहा मुझे अभी और कोई कारण समझ नहीं आ रहा है।
आधार से जुड़ने पर मिलेगी ये सुविधा
चंद्रा का मानना है कि आधार से जुड़ जाने के बाद मतदाता सूची और अधिक साफ हो सकेगी। इसके साथ ही चुनाव आयोग वोटर को और अधिक सेवाएं भी देने में सक्षम होगा। जैसे कि मतदाताओं के फोन नंबर पर चुनाव की तारीख और उनके बूथ की जानकारी उपलब्ध कराना हो या फिर अन्य जरूरी जानकारी दी जा सकती है।
जब चंद्रा से उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान पांच राज्यों में चुनाव और उपचुनाव कराना सबसे मुश्किल काम रहा।












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