रुबैया सईद किडनैपिंग केस में अरेस्‍ट किए गए शफात को Tada कोर्ट ने किया रिहा, CBI की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

Rubaiya Sayeed kidnapping case: तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के 1989 अपहरण मामले में गिरफ्तार शफात अहमद शंगलू को मंगलवार, 2 दिसंबर, 2025 को जम्मू की टाडा अदालत ने रिहा कर दिया। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत मांग खारिज कर दी, जिससे गिरफ्तार शंगलू को एक दिन बाद आजादी मिली।

मंगलवार को विशेष टाडा कोर्ट ने 35 साल पुराने इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने जांच एजेंसी द्वारा एक दिन पहले गिरफ्तार किए गए शफात अहमद शांगलू की सीबीआई की कस्टडी मांगने वाली अर्जी को भी सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया।

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अदालत ने शांगलू को रिहा करते हुए स्पष्ट किया कि 8 दिसंबर 1989 को हुए अपहरण से संबंधित चार्जशीट में उनका कोई उल्लेख नहीं था। ऐसे में उनकी हिरासत की मांग का कोई ठोस आधार नहीं बनता। टाडा कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों पर भी सवालिया निशान लगाए, यह कहते हुए कि उनके पास शांगलू को हिरासत में लेने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

सीबीआई ने दावा किया था कि शफात अहमद शांगलू आतंकी संगठन जेकेएलएफ (JKLF) से जुड़ा हुआ था और रुबैया सईद के अपहरण की साजिश में भी शामिल था। जांच एजेंसी ने उन्हें 35 साल बाद श्रीनगर के निशात इलाके स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार, शांगलू लंबे समय से फरार थे और उन पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। उन्हें यासीन मलिक का करीबी सहयोगी बताया गया था।

रिहाई के बाद शफात शांगलू ने सीबीआई के सभी दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका जेकेएलएफ या आतंकी यासीन मलिक से कोई संबंध नहीं है। शांगलू ने यह भी स्पष्ट किया कि वह श्रीनगर में खुले तौर पर रह रहे थे और फरार होने का आरोप पूरी तरह गलत है। खुद को एक व्यवसायी बताते हुए उन्होंने कहा कि अपहरण केस से उनका कोई जुड़ाव नहीं है।

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