सर्वाइकल कैंसर के टीके को भारत में लाने का RSS ने किया विरोध, PM मोदी को लिखी चिठ्ठी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर आग्रह किया है कि सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए लगाए जाने वाले ह्यूमन पापीलोमा वायरस (HPV) टीके को भारत में नहीं लाया जाए। बता दें कि केंद्र सरकार अगली बैठक में भारत में एचपीवी टीके के इस्तेमाल की अनुमति देने पर फैसला करने वाली है।

स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक, अश्वनी महाजन ने बताया कि भारत में एचपीवी टीके को लाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर यह टीका भारत में आता है तो यह एक 'हादसा' होगा। महाजन ने एक विश्व स्वास्थ संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि जितने की भी टीके इस्तेमाल में लाए जाते हैं इनमें एचपीवी टीका के प्रतिकूल प्रभाव की दर सबसे ज्यादा है जिनमें से कुछ शरीर को बीमार करने वाली हैं।
स्वदेशी जागरण मंच ने पीएम मोदी को लिखी चिठ्ठी में कहा, 'स्वदेशी जागरण मंच आपसे भारत में एचपीवी टीके को लाने के प्रयासों को रोकने का आग्रह करता है साथ ही इन समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करता है जो विज्ञान से छेड़छाड़ करते हैं, देश के वैत्रानिक समुदाय की अनदेखी करते हैं और देश को अपने निहित स्वार्थ बेचते हैं।'
बता दें कि भारत में सर्वाइकल के 80 प्रतिशत केस ह्यूमन पापीलोमा वायरस (एचपीवी) से जुड़े होते हैं। कैंसर रजिस्ट्री से मिले डाटा के मुताबिक 2013 में भारत में 92,731 मामले सर्वाइकल कैंसर के सामने आए थे। 2020 तक यह आंकाड़ बढ़कर 1,00,479 हो जाने का अनुमान है। एचपीवी टीके से इस रोक पर काबू पाने की बात कही जा रही है।
स्वदेशी जागरण मंच ने अपने खत में इसे गलत बताते हुए कहा है कि इस टीके का बिल गेट्स के मिरांडा फाउंडेशन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अनैतिक तरीके से ट्रायल किया था जिसकी वजह से आंध्र प्रदेश के आदिवासी इलाकों में रहने वाले कई बच्चों की जान चली गई थी। स्वदेशी जगरण मंच ने यह भी आरोप लगाया है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इस टीके को भारत सरकार की बिना अनुमति के अपने यहां इस्तेमाल करने की छूट दे दी है।












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