रोजा इफ्तार में RSS नेता ने मीट छोड़ने, दूध का शर्बत पीने की दी नसीहत
आरएसएस नेता ने जामिया यूनिवर्सिटी में इफ्तार पार्टी के दौरान लोगों से दूध का शर्बत पीने की नसीहत दे डाली
नई दिल्ली। रोजा इफ्तार की पार्टी में यूं तो लोग इफ्तारी के लिए जाते हैं और इस दौरान लोग एक दूसरे के साथ भाईचारे का संदेश देते हैं, लेकिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोमवार को जब रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। यहां इस इफ्तारी का आयोजन आरएसएस से जुड़े मुस्लिम मंच ने किया था। लेकिन इस कार्यक्रम में छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई, छात्र यहां आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बुलाए जाने का विरोध कर रहे थे, छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया।

दरअसल इस इफ्तार कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भारतीय मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि वह गोश्त ना खाएं, क्योंकि इससे बीमारी होती है। उन्होंने लोगों से गाय के दूध का शर्बत पीने की अपील की। इस कार्यक्रम में जामिया के वीसी तलत अहमद भी शिरकत करने वाले थे, लेकिन वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्याल के भीतर स्पोर्ट कॉलेज कॉप्लेक्स में किया गया था। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि हमारे संगठन की भारतीय मुसलमानों से तीन अहम मांगे हैं।
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि हम भारतीय मुसलमानों से मांग करते हैं कि वह रमजान के दौरान अपने मोहल्ले, दरगाह और मस्जिद में एक पेड़ लगाए, जिससे की पर्यावरण बेहतर हो, इसके साथ ही मुसलमान अपने घर में तुलसी का पौधा लगाए, क्योंकि अरबी भाषा में इसे रेहान यानि जन्नत का पौधा कहा जाता है, इससे जन्नत मिलती है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद मांस नहीं खाते थे। मीट से बीमारी होती है, जबकि दूध एक दवा का काम करता है। पैगंबर मोहम्मद ने मीट की तुलना जहर से की थी।












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