RSS leader Ashwini Kumar: कोर्ट ने 13 आरोपियों को किया बरी, एक सुनाई उम्रकैद की सजा
RSS leader Ashwini Kumar Murder Case: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता अश्विनी कुमार की 10 मार्च 2005 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केरल में थालास्सेरी एडिशनल सेशन कोर्ट ने 14 में से 13 आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, केवल तीसरा आरोपी एमवी मार्शूक को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मर्डर के इस मामले में एनडीएफ के 14 कार्यकर्ता आरोपी थे।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केरल की थालास्सेरी अदालत ने तीसरे आरोपी एम वी मार्शूक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में फंसे 14 राष्ट्रीय विकास मोर्चा (एनडीएफ) कार्यकर्ताओं में से अदालत ने 13 कार्यकर्ताओं को बरी कर दिया। यह सजा थालास्सेरी अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय (एक) के जज फिलिप थॉमस ने सुनाई है।

बता दें, अश्विनी कुमार कन्नूर जिले के कीझुर, इरिट्टी के रहने वाले थे और इरिट्टी प्रकृति कॉलेज में वे शिक्षक थे। 10 मार्च, 2005 की सुबह करीब 10 बजे 27 साल के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता अश्विनी कुमार बस में बैठकर कन्नूर से पेरावूर जा रहे थे। तभी आरोपियों ने बस को जबरन रोक लिया और उसके बाद आरोपियों ने अश्विनी कुमार पर हमला कर दिया।
इस हमले में उनकी मृत्यु हो गई। दूसरी तरफ कोर्ट के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने जांच में विफलताओं का हवाला देते हुए 13 एनडीएफ कार्यकर्ताओं को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाकर अपील करने की घोषणा की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 42 गवाह, 57 दस्तावेज और 85 साक्ष्य पेश किए गए। इस घटना के छह साल बाद पहले और दूसरे आरोपी अदालत में पेश हुए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पहले से चौथे आरोपी ने बस के अंदर हिंसा की, जबकि पांचवें से नौवें आरोपी ने जीप में बस का पीछा किया था। जीप में सवार आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से चौथे आरोपी को भागने में मदद की। मामले में यह भी दावा किया गया है कि 10वें से 12वें आरोपी ने साजिश रची, जबकि 13वें और 14वें आरोपी ने बम बनाने के लिए विस्फोटक खरीदे।












Click it and Unblock the Notifications