‘कई मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर चुका है चंद्रशेखर’, स्विट्जरलैंड में पढ़ रही लड़की ने लगाए कई संगीन आरोप
चंद्रशेखर आजाद रावण पर वाल्मिकी समाज की एक लड़की रोहिणी घावरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। राखी ने चंद्रशेखर पर धोखा देने का आरोप लगाया है। इससे पहले रोहिणी घावरी ने खुलासा किया था कि वो चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' के साथ रिलेशनशिप में थीं। रोहिणी ने आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर ने उससे शादी की बात छुपाई थी।
रोहणी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें चंद्रशेखर को रोते हुए देखा जा सकता है। रोहिणी ने इस पोस्ट में लिखा है कि यह उनकी गलती थी कि उन्होंने सच्चा आंदोलनकारी इंसान मानकर, उनके साथ खड़ी हुईं।

रोहिणी इस वीडियो के साथ लिखा, "अब कभी जीवन में किसी मर्द पर भरोसा नहीं कर पाऊंगी इसलिए शादी रिश्ते जैसी चीजों से बहुत दूर हो चुकी हूं। अब मेरा बचा हुआ जीवन देश और समाज को समर्पित है। मैं झूठे आरोप झेल झेल के थक गई हूँ अब जब भी कुछ अच्छा करती हूं लोग मेरा चीरहरण करना शुरू कर देते हैं। मुझे एक लड़की होने की सज़ा मिल रही है मुझे। जैसे पूरा समाज बेवकूफ बन रहा है मैं भी बन गई। मैंने तो पूरी ईमानदारी से दूसरे देश में रहकर भी साथ निभाया था यही सोच के त्याग था की समाज के लिए दोनों मिलकर कुछ अच्छा करेंगे।"
इससे पहले एक पोस्ट में रोहिणी ने चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' अपनी शादी के बारे में छिपा कर कई बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खेलने का आरोप लगया था। उन्होंने कहा कि पहले पता होता तो कितनी मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद होने से बच जाती। उन्होंने 'रावण' को छल-कपट-षड्यंत्र वाला व्यक्ति करार देते हुए कहा कि वो कभी दलित समाज का नेता नहीं बन सकता।
रोहिणी घावरी मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं और उनके पिता मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक सफाई कर्मचारी हैं। सबसे पहले 2019 में रोहिणी सुर्खियों में आई थीं। तब उन्हें मध्य प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी थी।
रोहिणी ने जेनेवा में हुए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री OBC समाज से आते हैं, वहां के दलित ऑक्सफ़ोर्ड-हार्वर्ड में सरकारी सहायता से पढ़ते हैं, इसके बावजूद विदेशी संस्थाएं भारत को गलत रूप में पेश करती हैं।
इसके साथ ही रोहिणी ने अयोध्या में नए उद्घाटन किए गए राम मंदिर को भारत की आस्था, विरासत और सद्भाव को जोड़ा था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के अलावा, अयोध्या राम मंदिर का बड़ा आर्थिक महत्व भी है। यह राष्ट्र के लिए नौकरियां और विकास पैदा करके आर्थिक विकास में योगदान देता है।












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