अमेरिकी अखबार ने किया रॉबर्ट वाड्रा की प्रॉपर्टी का पोस्‍टमार्टम

बैंगलोर। रॉबर्ट वाड्रा, एक ऐसा नाम जो भारतीय राजनीति से नहीं जुड़ा है लेकिन फिर भी हमेशा सुर्खियों में रहता है। भारत की एक मध्‍यमवर्गीय क्रिश्चियन व्‍यवसायी परिवार से आने वाले रॉबर्ट आज देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार गांधी परिवार का अहम हिस्‍सा हैं। शुक्रवार को अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल ने वाड्रा से जुड़े कई और अहम खुलासे किए हैं।

अखबार ने दावा किया है कि वर्ष 2012 में वाड्रा के पास करीब 324 करोड़ की प्रॉपर्टी थी। अखबार के मुताबिक राजस्‍थान में जब वर्ष 2009 में एक दिन काली एसयूवी से जब एक खरीदार जमीन खरीदने के लिए विक्रेता के पास पहुंचा तो उसने गाड़ी में बैठे एक व्‍यक्ति से रॉबर्ट का परिचय कराया। जो कुछ भी रॉबर्ट के बारे में उस खरीदार ने बताया वह विक्रेता सुनकर हैरान रह गया।

यहीं से रॉबर्ट वाड्रा ने जमीन खरीदने का काम शुरू किया और 2009 से 2012 के बीच उन्‍होंने कई जमीनें खरीदीं। रॉबर्ट ने कार में बैठे-बैठे ही पिछली सीट से कैश निकालकर उस व्‍यक्ति को दिया और एक जमीन के हिस्‍से के मालिक बन गए।

रॉबर्ट ने जब रियल इस्‍टेट के बिजनेस या फिर जमीन खरीदने के काम को शुरू किया केंद्र सरकार ने राजस्‍थान में बड़े स्‍तर पर सोलर एनर्जी प्रोडक्‍शन को आगे बढ़ाने के मकसद से कई योजनाओं का ऐलान करना शुरू कर दिया। रॉबर्ट ने जमीन खरीदना जारी रखा और और वर्ष 2011 में उन्‍होंने भी सोलर एनर्जी से जुड़ी कई तरह की परियोजनाओं का ऐलान कर डाला।

वाड्रा ने उस समय जो भी जमीनें खरीदीं छह वर्षों में उनकी कीमतें राजस्‍थान में छह गुना तक बढ़ गईं हैं। राज्‍य सरकार के पास दर्ज रिकॉर्ड से इस बात की जानकारी मिलती है। रॉबर्ट और डीएलएफ कंपनी के बीच काफी करीबी होने की बातें होती रहती हैं। कहा जाता है कि कंपनी ने वाड्रा को हरियाणा और राजस्‍थान में सैंकड़ों करोड़ों की जमीन को कौ‍ड़ियों के भाव बेच दिया था।

अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने वाड्रा की संपत्ति के बारे में नया दावा किया है कि वर्ष 2012 में सोनिया गांधी के दामाद के पास करीब 252 करोड़ की प्रॉपर्टी थी। अखबार के मुताबिक उस साल ही वाड्रा ने 72 करोड़ की प्रॉपर्टी बेची थी। यानी 2012 में रॉबर्ट वाड्रा के पास करीब 324 करोड़ की जमीन जायदाद थी।

सिर्फ 10वीं पास

सिर्फ 10वीं पास

रॉबर्ट वाड्रा ने एक ब्रिटिश स्‍कूल से सिर्फ 10वीं तक ही शिक्षा हासिल की है। प्रियंका की ही तरह उनकी मां भी स्‍पेन की यानी स्‍पेनिश मूल की थीं।

कोई सिक्‍योरिटी चेक नहीं

कोई सिक्‍योरिटी चेक नहीं

रॉबर्ट देश के पहले ऐसे व्‍यक्ति हैं जिनके पास कोई भी संवैधानिक ताकत नहीं है लेकिन इसके बावजूद देश के सभी एयरपोर्ट्स और अहम ठिकानों पर उनकी सिक्‍योरिटी जांच के लिए सख्‍त मनाही है। सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी के प्रभाव से रॉबर्ट को इस तरह की छूट दी गई।

 वीवीआईपी स्‍टेटस

वीवीआईपी स्‍टेटस

आज रॉबर्ट वाड्रा के पास न सिर्फ एसपीजी की सुरक्षा है बल्कि वह किसी भी एयरपोर्ट से बिना किसी सुरक्षा जांच के निकल सकते हैं। उन्‍हें भारत सरकार की ओर से 26 सितंबर 2005 में वीवीआईपी स्‍टेटस दिया गया। नियमों के मुताबिक देश में सिर्फ राजनीतिक पार्टियों के अध्‍यक्षों, प्रधानमंत्रियों, राष्‍ट्रपति, पूर्व राष्‍ट्रपतियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों को ही एसपीजी सुरक्षा दी जा सकती है।

चिदंबरम का जवाब

चिदंबरम का जवाब

एक आरटीआई उन्‍हें मिली एसपीजी सुरक्षा के सवाल के जवाब में वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम की ओर से जो कहा गया वह इस तरह से था, 'श्री रॉबर्ट वाड्रा को एसपीजी सुरक्षा दी गई है और इसलिए एयरपोर्ट पर उन्‍हें सुरक्षा जांच से छूट दी गई है। वह एक स्‍पेशल केस हैं क्‍योंकि उनकी शादी एक ऐसे व्‍यक्ति के साथ हुई है जिसे एसपीजी सुरक्षा हासिल है।'

पत्‍नी के पास नहीं वीआईपी दर्जा

पत्‍नी के पास नहीं वीआईपी दर्जा

यह बात दीगर है कि रॉबर्ट की पत्‍नी प्रियंका गांधी को वीआईपी दर्जा नहीं दिया गया है। ऐसे में रॉबर्ट को मिले वीवीआईपी दर्जे को लेकर कई लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।

वर्ष 1997 में बने देश के दामाद

वर्ष 1997 में बने देश के दामाद

प्रियंका की उम्र सिर्फ 13 साल थी जब रॉबर्ट और उनकी मुलाकात हुई। वर्ष 1997 में दोनों की शादी हो गई और राबर्ट देश के सबसे प्रभावशाली परिवार का हिस्‍सा बन गए।

परिवार ने छोड़ा साथ

परिवार ने छोड़ा साथ

रॉबर्ट मुरादाबाद के व्‍यवसायी परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं। उनके घर में उनके पिता राजेंद्र वाड्रा, मां मौरीन वाड्रा, भाई रिचर्ड और बहन मिशेल थे। रॉबर्ट की शादी से उनके पिता राजेंद्र काफी नाराज थे। पिता की नाराजगी के बाद रॉबर्ट घर छोड़कर चले गए और अलग रहने लगे।

रॉबर्ट और पिता के बीच युद्ध

रॉबर्ट और पिता के बीच युद्ध

रॉबर्ट वाड्रा ने वर्ष 2001 में एक पब्लिक नोटिस जारी कर कहा कि उनके पिता राजेंद्र और रिचर्ड वाड्रा कांग्रेस कमेटी के नाम पर और लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसा बटोर रहे हैं। इसके बाद रॉबर्ट के पिता ने रॉबर्ट पर मानहानी का केस दायर किया था।

 खत्‍म हो गया रॉबर्ट का परिवार

खत्‍म हो गया रॉबर्ट का परिवार

राबॅर्ट के पिता राजेंद्र का शव वर्ष 2009 में न दिल्‍ली के युसूफ सराय गेस्‍ट हाउस में पाया गया। इससे पहले उनके भाई रिचर्ड ने वर्ष 2003 में खुदकुशी कर ली थी और उनकी बहन मिशेल की भी वर्ष 2001 में एक दुर्घटना में मौत हो गई।

 कौड़ियों के भाव मिली जमीन

कौड़ियों के भाव मिली जमीन

रॉबर्ट और डीएलएफ कंपनी के बीच काफी करीबी होने की बातें होती रहती हैं। कहा जाता है कि कंपनी ने वाड्रा को हरियाणा और राजस्‍थान में सैंकड़ों करोड़ों की जमीन को कौ‍ड़ियों के भाव बेच दिया था। आज भी इसकी जांच नहीं की गई और जब आइएएस अशोक खेमका ने जांच करने का मन बनाया तो उन्‍हें सस्‍पेंड कर दिया गया।

वॉल स्‍ट्रीट जनरल का खुलासा

वॉल स्‍ट्रीट जनरल का खुलासा

वॉल स्‍ट्रीट जनरल में शुक्रवार को खुलासा किया गया है कि रॉबर्ट वाड्रा अपनी जमीन का सौदा करते गए और वर्ष 2012 में वह 324 करोड़ की सपंत्ति के मालिक बन गए।

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