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कौन हैं ऋषभ रिखीराम शर्मा, पंडित रविशंकर के शिष्य होने को लेकर उठ रहे सवाल, अनुष्का शंकर ने खोली दावों की पोल!

Rishab Rikhiram Sharma Controversy: भारतीय शास्त्रीय संगीत के फलक पर 26 वर्षीय ऋषभ रिखीराम शर्मा (Rishab Rikhiram Sharma) एक ऐसे चमकते सितारे के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने परंपरा और आधुनिकता के मेल से युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। व्हाइट हाउस में एकल प्रस्तुति देने वाले रिशभ की गायन और वादन शैली ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। हालांकि, हाल ही में रिशभ और उनके 'गुरु' को लेकर छिड़ी चर्चा ने संगीत जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

ऋषभ स्वयं को दिग्गज पंडित रवि शंकर (Pandit Ravi Shankar) का सबसे कम उम्र और अंतिम शिष्य बताते रहे हैं, लेकिन पंडित जी की बेटी और प्रख्यात सितार वादक अनुष्का शंकर (Anoushka Shankar) ने इस दावे पर अपनी बेबाक राय शेयर की है। अनुष्का के बयानों ने शिष्य परंपरा और रिशभ के संगीत सफर के अनछुए पहलुओं को सामने ला दिया है, जिससे सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है।

Rishab Rikhiram Sharma

युवा पीढ़ी के 'रॉकस्टार' और व्हाइट हाउस का सफर

ऋषभ रिखीराम शर्मा केवल एक पारंपरिक वादक नहीं हैं, बल्कि वे शास्त्रीय रागों को इस तरह पेश करते हैं कि आज की पीढ़ी भी उनसे जुड़ जाती है। उनकी विशिष्ट शैली का प्रमाण तब मिला जब उन्होंने व्हाइट हाउस (White House) में अपनी कला का प्रदर्शन किया, जो किसी भी भारतीय कलाकार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वे अपनी प्रस्तुतियों में सितार वादन के साथ-साथ गायन का पुट भी रखते हैं, जिससे उनका संगीत और भी अधिक सुलभ हो जाता है।

'Sitar for Mental Health', संगीत से सुकून की पहल

ऋषभ की एक और बड़ी पहचान उनकी पहल 'Sitar for Mental Health' है। इसके माध्यम से वे रागों के शांत प्रभाव का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए करते हैं। वे विशेष सत्रों और कॉन्सर्ट के जरिए दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारतीय शास्त्रीय संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ध्यान और मानसिक शांति का एक शक्तिशाली माध्यम भी है।

गुरु और शिष्य का दावा, क्या है रिशभ का पक्ष?

विभिन्न साक्षात्कारों में रिशभ अक्सर पंडित रवि शंकर के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते आए हैं। उनका कहना है कि वे गुरुजी के आखिरी और सबसे कम उम्र के शिष्य रहे हैं। ऋषभ के अनुसार, उन्होंने केवल बंदिशें नहीं सीखीं, बल्कि गुरुजी की सोच और संगीत की गहराई को आत्मसात किया है। यही कारण है कि सुनने वालों को उनके वादन में पंडित रवि शंकर की शैली की स्पष्ट झलक मिलती है।

अनुष्का शंकर का चौंकाने वाला खुलासा

'Humans of Bombay' को दिए एक इंटरव्यू में अनुष्का शंकर ने रिशभ की प्रतिभा की सराहना तो की, लेकिन उनके दावों पर स्पष्टीकरण भी दिया। अनुष्का के अनुसार:

गुरूशिप की सच्चाई: अनुष्का ने बताया कि ऋषभ ने संगीत की गहरी शिक्षा उनके पिता के वरिष्ठ शिष्य परिमल सदाफल से प्राप्त की है।

अनौपचारिक मुलाकातें: उन्होंने स्पष्ट किया कि ऋषभ की पंडित रवि शंकर से कुछ अनौपचारिक मुलाकातें और सीखने के सत्र जरूर हुए थे, लेकिन उन्हें 'अंतिम या सबसे छोटा शिष्य' कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

पारिवारिक संबंध: ऋषभ का परिवार लंबे समय से शंकर परिवार से जुड़ा है। वे विख्यात वाद्य निर्माता संजय रिखीराम शर्मा के बेटे हैं। अनुष्का का मानना है कि समय के साथ गुरु-शिष्य की यह बात बढ़ती चली गई और इसने एक अलग रूप ले लिया।

प्रतिभा के दम पर पहचान

अनुष्का ने यह भी जोड़ा कि रिशभ असाधारण रूप से प्रतिभाशाली हैं। उनके अनुसार, ऋषभ को अपनी सफलता को साबित करने के लिए किसी 'विशेष कहानी' की आवश्यकता नहीं है; उनका संगीत और उनका काम खुद उनकी काबिलियत का प्रमाण है। वे जिस तरह से सितार को नई ऊंचाइयों और नए श्रोताओं तक ले जा रहे हैं, वह प्रशंसनीय है।

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