'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को लेकर ऋचा चड्ढा का बड़ा खुलासा, कहा- काम के बदले महज इतने रुपए मिले

ऋचा चड्ढा ने किया खुलासा, कहा- गैंग्स ऑफ वासेपुर में बहुत कम पैसे मिले, लेकिन इस वजह से वो फिल्म की...

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा इन दिनों अपने ब्लॉग को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ऋचा चड्ढा को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद ऋचा ने ब्लॉग लिखते हुए कहा कि जो लोग आज सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर आंसू बहा रहे हैं, ये वही लोग हैं जो साथ सोने से मना करने वाली अभिनेत्रियों को अपनी फिल्मों से हटा देते हैं। साथ ही ऋचा ने लिखा है कि नेपोटिज्म पर बहस करने के बजाय मानसिक स्थिति पर बात होनी चाहिए, तब कुछ हल निकलेगा। ब्लॉग में ऋचा ने इस बात का भी खुलासा किया है कि फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के लिए उन्हें बेहद कम फीस मिली थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वो फिल्म की।

'मुझे महज ढाई लाख रुपए फीस मिली'

'मुझे महज ढाई लाख रुपए फीस मिली'

ऋचा चड्ढा ने अपने ब्लॉग में लिखा, 'हमारे यहां बॉलीवुड में कलाकारों को फिल्म के प्रॉफिट में से कुछ नहीं दिया जाता है, जैसे रॉयल्टी जैसी चीजें नहीं दी जाती हैं। और, शायद यही कारण हो सकता है कि बहुत सारे पुराने कलाकार अपने आखिरी दिनों में बेसहारा हो जाते हैं। गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी बड़ी हिट फिल्म के दोनों पार्ट के लिए मुझे महज ढाई लाख रुपए फीस मिली थी, खैर ये ठीक था। डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने मुझे लेकर एक चांस लिया और मैं हमेशा इसके लिए उनकी आभारी रहूंगी।'

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    'मैंने उम्मीद भी नहीं की थी कि मुझे...'

    'मैंने उम्मीद भी नहीं की थी कि मुझे...'

    ऋचा ने आगे लिखा, 'मैंने उम्मीद भी नहीं की थी कि मुझे गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्म में काम करने के लिए कोई फीस मिलेगी। फिल्म एक बहुत बड़ी हिट साबित हुई और आज मेरा जो करियर चल रहा है, वो एक तरह से उसी की देन है। लेकिन, उस फिल्म की लगातार बढ़ रही लोकप्रियता के लिए किसी को कुछ फायदा मिलना चाहिए। अगर मैं गलत नहीं हूं तो मुझे भी उस फिल्म की रॉयल्टी मिलनी चाहिए।'

    'जब सब टूट रहा है तो क्यों ना नए सिरे से एक नया निर्माण करें'

    'जब सब टूट रहा है तो क्यों ना नए सिरे से एक नया निर्माण करें'

    फिल्म अभिनेत्री परवीन बॉबी, दिग्गज अभिनेता एके हंगल और भगवान दादा का उदाहरण देते हुए ऋचा चड्ढा ने अपने ब्लॉग में लिखा, 'बताया जाता है कि इन लोगों के आखिरी वक्त में इनके पास अपने इलाज तक के लिए पैसे नहीं थे। मैं इस बात को अच्छी तरह जानती हूं कि सभी कलाकारों को रॉयल्टी मिलना एक ऐसा सपना है, जो कभी पूरा नहीं हो सकता। कम से कम मेरे लाइफ टाइम में तो ये नहीं पूरा होगा। लेकिन, जब हमारे आसपास बहुत सारी चीजें टूट रही हैं तो क्यों ना हम इनके मलबे से नए सिरे से एक नया निर्माण करें।'

    'मुझसे पूछा गया कि आपकी नाभि नहीं दिख रही है'

    'मुझसे पूछा गया कि आपकी नाभि नहीं दिख रही है'

    आपको बता दें कि ऋचा चड्ढा अक्सर मुखर होकर हर मुद्दे पर अपनी बात रखती है। पिछले दिनों जब देश में मीटू मूवमेंट चला, उस समय भी ऋचा खुलकर सामने आईं थी। ऋचा ने अपने साथ घटी एक घटना का जिक्र करते हुए बताया था, 'मैं एक फिल्म के गाने की शूटिंग कर रही थी और इस दौरान मैंने हाई वेस्ट पैंट पहनी हुई थी। शूटिंग के दौरान मुझसे कहा गया कि आपकी नाभि नहीं दिख रही है, अपनी पैंट थोड़ी नीचे कर लीजिए। इस बात को सुनकर मैं एकदम से चौंक गई।'

    'महिलाओं का यौन उत्पीड़न हर जगह होता है'

    'महिलाओं का यौन उत्पीड़न हर जगह होता है'

    ऋचा ने कहा, 'कोई हाई वेस्ट पैंट पहनने के बाद अपनी नाभि कैसे दिखा सकता है। मुझसे ये कहने वाले को मैंने जवाब दिया कि इस पैंट में नाभि नहीं दिखेगी। मैं एक काम करती हूं, मार्कर से अपने माथे या गालों पर एक नाभि बना लेती हूं।' ऋचा ने कहा कि 'महिलाओं का यौन उत्पीड़न हर जगह होता है और बॉलीवुड भी इससे बचा नहीं है।

    'तनुश्री दत्ता के साथ क्या हुआ?'

    'तनुश्री दत्ता के साथ क्या हुआ?'

    ऋचा ने अपनी बात जारी करते हुए कहा, 'यहां सबसे बड़ी समस्या यह है कि जो महिलाएं यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाती हैं, उन्हें ही निशाना बनाया जाता है। देखिए तनुश्री दत्ता के साथ क्या हुआ। यहां तक कि केरल नन रेप केस में अगर एक नन विरोध करती है, तो आप उसके चरित्र पर सवाल खड़े करते हैं और उसके बलात्कारियों के साथ खड़े होते हैं। आप कहते हैं कि यौन उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ महिलाएं सामने नहीं आती, लेकिन देखिए आपने उन महिलाओं के साथ क्या किया, जो आए आईं हैं।'

    'लोगों की रूचि 'रूचि' में होती है'

    'लोगों की रूचि 'रूचि' में होती है'

    ऋचा चड्ढा ने कहा, 'एक समस्या और है कि कुछ लोग पूरे इरादे के साथ ये सब करते हैं। कुछ फिल्म निर्माताओं की रूचि फिल्म बनाने में नहीं होती, बल्कि उनकी रूचि 'रूचि' में होती है। रूचि को आप यहां एक खूबसूरत महिला समझिए।' कार्यक्रम में ऋचा चड्ढा ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। ऋचा ने बताया कि हाल के दिनों में ऐसी फिल्मों की संख्या बढ़ी है, जिनमें महिलाओं को मुख्य नायिका के तौर पर दिखाया गया। अगर आप देखें तो पहले ऐसी तीन फिल्में होती थीं, जिनमें महिलाओं का मुख्य रोल होता था, इसके बाद ऐसी फिल्मों की संख्या पांच हुई और अब धीरे-धीरे ये संख्या और बढ़ रही है। फिल्म इंडस्ट्री के अंदर ये भरोसा अब बढ़ रहा है कि महिलाएं भी बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड बना सकती हैं।

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