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NDPS ACT के तहत रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार, जानें क्‍या है ये अधिनियम और कितने साल की होती है सजा

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मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत की मौत केस में ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद नॉरकोटिक्‍स कंट्रोल ब्यूरो ने तुरंत जांच तेज कर दी थी। ड्रग से जुड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद से ही एनसीबी की टीम लगातार पूछताछ करने के बाद अब तक कई लोगों को इस पूरे मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। मंगलवार को एनसीबी की टीम ने रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया। जिसके बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। एनसीबी ने इस कोर्ट में रिया चक्रवर्ती की 14 दिन हिरासत की मांग की है। इससे पहले एनसीबी रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा को भी गिरफ्तार किया था।

रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स को लेकर ये आरोप स्वीकार किए

रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स को लेकर ये आरोप स्वीकार किए

गौरतलब है कि इन सभी को नारकोटिक्स ड्रग्स साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। रिया चक्रवर्ती अगर इस मामले में दोषी साबित होती हैं तो रिया की जिस एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तारी हुई है। एनसीबी की ओर से जो रिमांड कॉपी तैयार की गई है, उसके अनुसार रिया ने पूछताछ के दौरान यह नहीं स्वीकार किया है कि उसने ड्रग्स ली है। हालांकि रिया ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स मुहैया कराने का काम करती थीं और वह इसके लिए पैसा भी देती थीं। रिमांड कॉपी में कहा गया है कि रिया शौविक, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा को ड्रग्स मुहैया कराने के लिए निर्देश देती थीं और वह इसके लिए पैसा भी देती थीं।

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    रिया चक्रवर्ती को हो सकती है 10 साल तक की सजा

    रिया चक्रवर्ती को हो सकती है 10 साल तक की सजा

    रिया ने उसके अनुसार उन्हें 10 साल तक की अधिक से अधिक सजा हो सकती है। रिया को एनडीसीपी एक्ट की धारा 8सी, 20 बी, 27 ए, 29 और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया है। रिया पर गांजा रखना-खरीदना, बैन हुई दवाओं को खरीदना, ड्रग्स का सेवन करना जैसे आरोप लगे हैं। अगर इन मामलों में रिया दोषी साबित होती हैं तो उन्हें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। जानिए क्या है ये एनडीपीएस एक्‍ट और किस आधार पर दी जाती है सजा.....

    1985 में बना एनडीपीएस एक्ट

    1985 में बना एनडीपीएस एक्ट

    वर्ष 1985 में एनडीपीएस एक्ट संसद में पारित हुआ। नारकोटिक्स का मतलब नींद और साइकोट्रोपिक वे पदार्थ होते हैं जो हमारे दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर देते हैं। कुछ ड्रग्स और पदार्थ ऐसे होते हैं जिनका उत्पादन और बिक्री जरूरी है लेकिन उनको नियमों के विरुद्ध जाकर न तो निर्माण किया जा सकता है और न ही इसकी बिक्री की जा सकती है। इसको लेकर कड़े सरकारी नियम हैं इस पर कड़ा प्रतिबंध इसलिए है क्योंकि इनका अधिक मात्रा में प्रयोग के नशे के लिए किया जाता है, जो मनुष्‍य के लिए खतरनाक होता है।

    जानिए एक्‍ट के तहत कौन से ड्रग्स हैं बैन

    जानिए एक्‍ट के तहत कौन से ड्रग्स हैं बैन

    एनडीपीएस एक्‍ट में बैन किए गए ड्रग्स को लेकर एक लिस्‍ट है। इसमें केंद्र सरकार उन ड्रग्स को सम्मलित करती है जिनका नशे में प्रयोग होना मानव जीवन के खतरनाक या संकट पैदा कर सकता है। इन ड्रग्स का इस्तेमाल जीवन रक्षक दवाओं और अन्य स्‍थानों में किया जाता है, परंतु अगर वहीं इसे नशे के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है तो कानून के खिलाफ होता है। इस कारण इनपर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता लेकिन विनियमन किया जा सकता है। इन ड्रग्स में कोका प्लांट्स, कैनाबिस, ओपियम पॉपी जैसे पौधे को शामिल किया गया है।

    ड्रग्‍स की मात्रा के आधार पर तय होती है सजा

    ड्रग्‍स की मात्रा के आधार पर तय होती है सजा

    एनडीपीएस एक्‍ट के अंतर्गत सजा ड्रग्‍स की मात्रा के आधार पर पर तय की गई है। मात्रा को तीन भागों- अल्पमात्रा, वाणिज्यिक और इन दोनों के बीच की मात्रा में बांटा गया है। जिसमें अल्पमात्रा के तहत 1 साल तक की जेल और 10000 रुपये तक के जुर्माना तक की सजा दी जा सकती है। वहीं अल्प और वाणिजियक मात्रा के बीच की मात्रा में दस साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं वाणिज्यिक मात्रा के तहत 20 साल तक की जेल और कम से कम एक लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा दी जा सकती है। वाणिज्यिक मात्रा वो होती है जब आरोपी इसके व्‍यापार में संलिप्‍त पाया जाता है।अधिनियम के तहत मात्रा का निर्धारण समय-समय पर केंद्र द्वारा किया जाता है।

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    इस अधिनियम के तहत मृत्युदंड तक का है प्रावधान

    इस अधिनियम के तहत मृत्युदंड तक का है प्रावधान

    अधिनियम के अंतर्गत अनुसूची में डाले गए पदार्थो का निर्माण, विनिर्माण, कृषि, प्रकिया, क्रय, विक्रय, संग्रह, आयात, निर्यात, परिवहन और यहां तक की उपभोग भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके उपभोग पर दंड का निर्धारण किया गया है। अधिनियनम की धारा 31ए के तहत एक बार दोषी ठहराए जाने के बाद भी वो दोबारा इस अपराध में संलिप्‍त पाया जाता है तो उसे मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है। कानून के तहत अपराधों का प्रयास, तैयारी, उत्प्रेरणा, षड्यंत्र, उपभोग और फाइनेंस को भी अपराध माना गया है और सजा का प्रावधान है।

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    English summary
    Rhea Chakraborty arrested under NDPS ACT, know what is the act and punishment in this act
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