Bihar News: राजस्व महा–अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण : अपर मुख्य सचिव
बिहार में राजस्व महा-अभियान, जो 16 अगस्त से 20 सितंबर 2023 तक चल रहा है, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड संबंधी मुद्दों को हल करना चाहता है। इस पहल में अनुप्रयोगों को सुव्यवस्थित करने और दक्षता बढ़ाने के लिए तीन-चरणीय दृष्टिकोण शामिल है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से पूरे राज्य में 16 अगस्त से 20 सितम्बर तक चलने वाले राजस्व महा-अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का संघ एवं अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संघ के साथ बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि जमीन के कागजातों में गड़बड़ी की समस्या बड़ी समस्या है। राज्य के शत–प्रतिशत लोग इससे जुड़े हुए हैं।विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद दाखिल खारिज और परिमार्जन से संबंधित समस्याओं से लोग परेशान रहते हैं।इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण और छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए आवेदन प्रपत्र लिए जाएंगे।इसके लिए टीम घर–घर जाएगी और जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान बेहतर काम करने वालों को जिला और राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टीम द्वारा इस काम को सही तरीके से संपन्न कराने में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। वे सभी को अभियान से अवगत कराने के साथ जमाबंदी प्रति और आवेदन प्रपत्र को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पदाधिकारी और कर्मी संघ की भूमिका मौजावार जमाबंदी की प्रति और आवेदन प्रपत्र पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
एसीएस श्री सिंह ने कहा कि अभियान को धरातल पर उतारना लक्ष्य है। इसलिए इसमें ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, अनुसूचित जाति जनजाति विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। पूरे अभियान में उनके कर्मी भी टीम में रहकर शिविरों के सफलतम आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजस्व महा–अभियान की बिंदुवार जानकारी देते हुए आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने बताया कि अभियान तीन चरण में पूरा होगा। पहला चरण तैयारी का चल रहा है। दूसरा चरण आयोजन का होगा और तीसरा चरण निष्पादन का होगा। उन्होंने बताया कि अंचल वार माइक्रो प्लान 12 अगस्त तक जारी करने की समय सीमा है। इसे विभाग के पोर्टल पर भी देखा जा सकता है। शिविर में जमा होने वाले आवेदन के संबंध में उन्होंने बताया कि फॉर्म जमा होते ही नाम और नंबर के साथ रजिस्ट्रेशन कर लिया जाएगा। इसकी बाद आवेदन की स्थिति की जानकारी मिलेगी। इस मौके पर स्वागत भाषण निदेशक जे प्रियदर्शिनी ने किया।
बैठक में मुखिया संघ के अध्यक्ष मिथिलेश राय, पंचायत सचिव संघ, वार्ड सदस्य संघ, ग्राम कचहरी न्यायमित्र संघ, बिहार राजस्व अमीन संघ, यूनाइटेड राजस्व सेवा संघ, पंच सरपंच संघ, बिहार प्रशासनिक सेवा संघ, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी प्रतिनिधियों ने एक - एक करके अपने सुझाव साझा किए। एसीएस ने उनके सुझावों को सुना और आवश्यक सुझावों को अमल में लाने की बात कही। इस मौके पर विभाग के सचिव गोपाल मीणा, निदेशक चकबंदी राकेश कुमार, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय, आजीव वत्सराज, अपर सचिव महेंद्र पाल, उप निदेशक मोना झा समेत सभी वरीय अधिकारी मौजूद थे।












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