उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटा, राहत और बचाव कार्य जारी, NDRF की टीम रवाना
Chamoli Glacier Burst : उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मच गई है। ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी में पानी की जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ये ग्लेशियर चमोली जिले के रैणी गांव के ऊपर वाली गली से टूटा गया है। बाढ़ में 100 से 150 लोगों के बहने की आशंका है। इसमें कई मजदूर भी शामिल हैं। घटना के बाद ITBP की 2 टीमें मौके पर पहुंची चुकी हैं। NDRF की तीन टीमों को देहरादून से रवाना कर दिया गया है।
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ग्लेशियर टूटने से पावर प्रोजेक्ट ऋषि गंगा को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे करीब 40 से 50 मजूदरों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं बाढ़ के आने से आसपास के लोगों के भी बह जाने की आशंका जताई गई है। आईटीबीपी के 100 से ज्यादा जवान राहत-बचाव के लिए मौके पहुंच गए हैं। एमओएस होम नित्यानंद राय ने बताया कि ITBP की दो टीमें मौके पर पहुंची चुकी है। NDRF की तीन टीमों को देहरादून से रवाना कर दिया है। वहीं 3 अतिरिक्त टीमें शाम तक भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से यहां पहुंचेंगी। वहीं घटनास्थल पर SDRF और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर मौजूद है।
ग्लेशियर टूटने से भारी मात्रा में बारिश का पानी और मलबा आने से तपोवन के बांध को भी नुकसान पहुंचा है। जिसके चलते निचले इलाकों में बड़ी तबाही का खतरा मंडराने लगा है। प्रशसान ने नदी के किनारे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट पर कर दिया गया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किनारे बसे लोगों को हटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं खुद भी वो मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हो गए है।
गृह मंत्री अमित शाह ने हालातों की ली जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हालातों की जानकारी ली है। उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के महानिदेशकों से बात की हैं। शाह ने कहा कि लोगों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य के लिए रवाना हो गई हैं। देवभूमि को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।












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