सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को मिली बड़ी राहत, सीबीआई की इस याचिका को किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश जिसमें भष्ट्राचार के मामले में सीबीआई जांच पर अंतरिम रोक लगाई थी उस आदेश में हस्तक्षेप करने से उच्च्चतम न्यायालय ने इककार कर दिया है।

न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने डीके शिवकुमार से जुड़े इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के 10 फरवरी के आदेश के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दायर अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि वो उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सीबीआई की याचिका को खारिज करते हुए कहा खंडपीठ ने एजेंसी के पक्ष में आदेश होने के बावजूद कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी।
शिवकुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट के एक अंतरिम आदेश के खिलाफ सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायलय में अपील दायर की है, लेकिन उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा अंतरिम आदेशों को चुनौती देने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए सीबीआई को उसके समक्ष मामले के शीघ्र निपटारे के लिए उच्च न्यायालय से अनुरोध करने की आजादी दी है
बता दें कर्नाटक हाईकोर्ट ने 10 फरवरी 2023 को कांग्रेस नेता डीके शिवसकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की कार्रवाई पर रोक लगा थी, इसके साथ ही सीबीआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में क्या कार्रवाई की गई इसकी रिपोर्ट भी हाईकोर्ट के सामने पेश करने का आदेश दिया था।
कांग्रेस नेता डीके शिवकुार के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी मामले 2020 में दर्ज हुए थे, उच्च न्यायलय ने दो वर्षो में इस केस में जांच की प्रगति को लेकर सीबीआई पर सवाल उठाया था।
फरवरी 2023 में उच्च न्यायालय ने केन्द्रीय जांच एजेंसी से पूछा था कि वह अंतिम रिपोर्ट कब दाखिल की जाएगा? इसके साथ ही हाई कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तक कार्यवाही पर रोक लगा दी और मामले को स्थगित कर दिया।
आयकर विभाग ने 2017 में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। आयकर विभाग ने ये जानाकारी दी थी कि प्रवर्तन निदेशालय ने भी डीके शिवकुमार के खिलाफ जांच शुरू की।
सीबीआई ने ईडी की जांच के आधार पर कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक अध्यक्ष डी के शिवकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कर्नाटक सरकार से मंजूरी मांगी थी। ताज्जुब की बात ये है कि मंजूरी 25 सितंबर 2019 को आई और एफआईआर 3 अक्टूबर, 2020 को दायर की गई। कांग्रेस नेता शिवकुमार ने एफआईआर को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।












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