बच्चों के स्कूल बैग के वजन को लेकर मोदी सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन
नई दिल्ली। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के भारी-भरकम बैग और होमवर्क को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी गाइडलाइंस जारी किया है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 1 और 2 के छात्रों को अब होमवर्क नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही मानव संसाधन मंत्रालय ने पहली से दसवीं कक्षा के विद्यार्थी के बैग का बोझ कम करने को लेकर निर्देश जारी किया है। काफी समय से स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के बैग के वजन को लेकर सवाल उठाया जाता रहा है, अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इससे छुटकारा पाने का मन बना लिया है।

कक्षा पहली से 10वीं तक विद्यार्थियों का स्कूल बैग वजन निर्धारित
मानव संसाधन मंत्रालय ने कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों के स्कूल बैग के वजन को निर्धारित कर दिया है। इससे मासूम बच्चों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही बच्चों के होमवर्क को लेकर भी नए नियम बनाए गए हैं। इसके लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गाइडलाइन जारी कर दी है।

कितना होगा स्कूली बच्चों के बैग का वजन
नए नियमों के मुताबिक कक्षा पहली और दूसरी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बैग का वजन केवल डेढ़ किलोग्राम होगा। तीसरी से पांचवी के विद्यार्थियों के बैग का वजन दो से तीन किलो, कक्षा 6वीं और सातवीं का चार किलो, आठवीं से नौवीं कक्षा के छात्रों का बैग का वजन साढ़े चार किलो वजन, कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी के बैग का वजन केवल पांच किलो होना चाहिए।

पहली और दूसरी के छात्रों को हमवर्क से छुटकारा
मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों को होमवर्क नहीं देने का निर्देश जारी किया गया है। इसके साथ ही भाषा और गणित विषय के अलावा कोई और विषय नहीं पढ़ाया जाएगा। वहीं कक्षा तीसरी से पांच तक भाषा, पर्यावरण संबंधित और गणित विषय को एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा किसी तरह के भारी सामान स्कूल बैग में लेकर स्कूल नहीं लाने का निर्देश दिया गया है।












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