• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को पड़ रहे हैं दिल के दौरे, डॉक्टरों ने बताई ये वजह

|
Google Oneindia News

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: देश में कोरोना की दूसरी लहर भले ही धीम पड़ गई है लेकिन कोविड के शिकार हुए लोगों को समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पता है कि, कोरोना को मात दे चुके लोगों में कई अन्य तरह की गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं। केरल दूसरे लहर में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है। केरल में लोगों को कोरोना के बाद कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।

30-40 आयु वर्ग के लोगों को हो रही हैं आर्ट अटैक की समस्याएं

30-40 आयु वर्ग के लोगों को हो रही हैं आर्ट अटैक की समस्याएं

केरल में कोविड के बाद लोगों में दिल के दौरे की घटनाओं और मौतों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। इस नए घटनाक्रम ने हेल्थ एक्सपर्ट को चकित कर दिया है। डॉक्टरों ने कहा कि यह बहुत ही चिंताजनक बात है कि 30-40 आयु वर्ग के लोग, जिनमें कई का दिल की बीमारी का कोई इतिहास नहीं है, लेकिन उन्होंने हार्ट अटैक के कारण दम तोड़ दिया। मरीजों में मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हृदय वाहिका में रक्त के प्रवाह में रुकावट), मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों की सूजन), अतालता (हृदय की अनियमित धड़कन), तीव्र कोरोनरी सिंड्रोम (हृदय में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण होने वाली कोई भी स्थिति) देखेने को मिल रहा है।

इसलिए आ रहे हैं आर्ट अटैक

इसलिए आ रहे हैं आर्ट अटैक

कार्डियोटॉक्सिक डॉक्टरों ने कहा कि कोविड के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टेरॉयड का प्रभाव मृत्यु दर में वृद्धि के मुख्य कारण हैं। कोच्चि स्थित कार्डियक सर्जन डॉ के के प्रदीप ने कहा कि, हम अभी कोविड को समझ रहे हैं। कई मरीज कोविड से ठीक होने के बाद हार्ट अटैक का अनुभव कर रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है, इस बारे में अभी तक कोई प्रमाणित डेटा नहीं है। हाइपोथेटिक रूप से, कोविड के कारण थ्रोम्बोजेनेसिस (रक्त के थक्कों का कारण बनने की प्रवृत्ति) इसका कारण हो सकता है।

    Coronavirus India Update: भारत में कोविड-19 संक्रमण के 13 हजार नए मामले, COVID-19 | वनइंडिया हिंदी
    इन मरीजों को अधिक खतरा

    इन मरीजों को अधिक खतरा

    उन्होंने कहा कि, दिल की समस्याओं और उच्च जोखिम वाले रोगियों को जटिलताओं को कम करने के लिए ब्लड थिनर दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कोविड रक्त को सघन बनाता है, जिसके परिणामस्वरूप थक्के बनते हैं जो दिल के दौरे का कारण बनते हैं। कोविड के बाद के चरण में, स्ट्रोक और दिल के दौरे के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अधिक अध्ययनों से ही हम वास्तविक कारण की स्पष्ट तस्वीर प्राप्त कर सकते हैं।

    Indian Railways ने IRSDC को बंद किया, क्या होगा इसका असर ? जानिएIndian Railways ने IRSDC को बंद किया, क्या होगा इसका असर ? जानिए

    रखनी होंगी ये सावधानी

    रखनी होंगी ये सावधानी

    कोच्चि में कार्डियो सर्जन डॉ नासिर यूसुफ ने कहा ने कहा कि, कोविड की दूसरी लहर के बाद दिल के दौरे के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई हैं। हृदय रोग होने से लोगों को हार्ट अटैक के अधिक खतरे हैं। गंभीर कोविड संक्रमण वाले और आईसीयू या वेंटिलेटर पर रहे लोगों को भी अधिक जोखिम होता है क्योंकि वे स्ट्रेट कार्डियोमायोपैथी से गुजरते हैं। इसके अलावा, कोविड के उपचार के दौरान स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरती जानी चाहिए। एक्सपर्ट्स ने लोगों के ऐसी समस्याओं को अनदेखा ना करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही डॉक्टर के साथ लगातार संपर्क में रहने के लिए कहा है।

    Comments
    English summary
    recent spike in post Covid heart attacks and related deaths in Kerala
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X