क्यों रमजान के पवित्र माह में आतंकी करते हैं सबसे ज्यादा हमले

श्रीनगर। किसी समय में आतंकी संगठनों और चरमपंथियों ने अपनी एक नीति बनाई थी। वे अक्सर महिलाओं पर और रमजान के माह में आतंकी हमलों को अंजाम देने से बचते थे। हर संगठन और हर चरमपंथी इस नियम का सख्‍ती से पालन करता था। लेकिन अब धीरे-धीरे इस नियम से किनारे किया जाने लगा है।

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अब तक 543 मौतें

अगर आप आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि वर्तमान समय में रमजान माह में ही सबसे ज्यादा आतंकी हमले होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष ही अकेले रमजान के दौरान 543 लोगों की मौत आतंकी हमलों में हो चुकी है।

पंपोर देता गवाही

शनिवार को जम्मू कश्‍मीर के पंपोर में हुआ आतंकी हमला इस बात की गवाही देता है कि आतंकियों के लिए अब रमजान माह एक मुफीद समय बन गया है जब वह अपने खतरनाक मंसूबों को पूरा कर सकते हैं। एक नजर डालिए उन वजहों पर कि क्यों आतंकी अब रमजान को अपना पसंदीदा समय मानने लगे हैं।

क्यों बदल रही है सोच

  • इस दौरान एक साधारण धारणा होती है कि इस माह में सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी ढील दी जाती है।
  • ज्यादातर सुरक्षा संस्थान यकीन करते हैं कि इन दिनों में आतंकी किसी भी साजिश को अंजाम नहीं देते हैं।
  • रमजान के दौरान साबित करने की कोशिश होती है कि सिर्फ वहीं इस्लाम के नियमों की रक्षा कर सकते हैं।
  • आतंकी मानते हैं कि वे खुदा में यकीन न करने वालों को खुदा की इच्‍छा के मुताबिक मार सकते हैं।
  • आतंकी यकीन करते हैं कि रमजान के दौरान मरने वालों को जन्नत मिलती है।
  • वे सोचते हैं कि अगर वे इस माह के दौरान हमले करते हैं तो उन्‍हें अच्‍छा इनाम मिलेगा।
  • रमजान के दौरान जेहाद छेड़ कर वे सर्वाधिक त्याग करते हैं, वे इस बात में यकीन करते हैं।

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