मीडियम क्लास फैमिली के लिये नहीं है दिल्ली में प्रॉपर्टी
नई दिल्ली। नवरात्रों का वक्त प्रापर्टी बाजार के लिए हमेशा से बेहतर मान गया है, पर इस बार नवरात्र से ठीक पहले दिल्ली में सर्कल रेट करीब 20 फीसदी तक बढ़ाने के सरकार के निर्णय से प्रापर्टी बाजार से जुड़े लोग निराश हैं। वे मानते हैं कि अब राजधानी में संपत्ति लेना बेहद कठिन हो जाएगा नौकरीपेशा इंसान के लिए। यही तो होता है बाजार की जान। वे मानते हैं कि प्रापर्टी बाजार में सन्नाटा छाने लगा है।

सभी श्रेणियों में सर्कल रेट करीब 20 फीसदी तक बढऩे से राजधानी दिल्ली में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों पर असर पड़ सकता है। प्रॉपर्टी बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में त्योहारों के दौरान सर्कल रेट बढ़ाने की घोषणा से निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
फ्रेंड्स कॉलोनी, चितरंजन पार्क और महरानी बाग जैसे इलाकों में अब सर्कल रेट मौजूदा बाजार मूल्य के करीब पहुंच गया है। एक अन्य ब्रोकर ने कहा, 'सर्कल रेट में अंतर है, ऐसे में इस बारे में निर्णय लेने से पहले बाजार भाव पर भी ध्यान देना चाहिए। प्रॉपर्टी बाजार पहले से ही नरमी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में सर्कल रेट बढ़ाने का निर्णय सही कदम नहीं है।' माना जा रहा हाँ इस कदम से दिल्ली में संपत्तियों की खरीद-बिक्री में आगे और कमी आ सकती है। इसके चलते खरीदार अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और इंदिरापुरम का रुख कर लेगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि राजधानी में पहले से नई परियोजनाएं काफी कम लॉन्च हो रही हैं, ऐसे में एनसीआर में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है। सही मायने में इससे दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में सुधार की संभावना को झटका लगा है।
अगर नैशनल हाउसिंग बैंक के आंकड़ों पर यकीन करे तो दिल्ली में रियल एस्टेट की कीमतों में दो फीसद की कमी आई है लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना है कि इस दौरान प्रमुख शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 10 से 15 फीसदी की गिरावट आई है और दिल्ली में कीमतें लगभग स्थिर हैं।












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