रथ यात्रा के दौरान हाथियों की घबराहट का वीडियो वायरल, लोगों ने जताई चिंता
अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जिसने भक्तों और पर्यावरण प्रेमियों दोनों को चिंतित कर दिया। खड़िया इलाके में जैसे ही DJ की तेज आवाज गूंजी, रथयात्रा में शामिल तीन हाथी घबरा गए और अचानक बेकाबू हो गए। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई और श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी फैल गई।
इस घटना के बाद तुरंत रथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया। हाथियों को नियंत्रित करने के लिए महावतों और प्राणी संग्रहालय की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। कुछ देर की मशक्कत के बाद तीनों हाथियों को काबू में लिया गया और उन्हें मंदिर परिसर में वापस भेज दिया गया।

वायरल हुआ वीडियो, जानवरों की भलाई पर उठी आवाज
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखता है कि हाथी बहुत बेचैन थे और माहौल उनके लिए ठीक नहीं था। यह देख लोग भावुक हो गए और चिंता जताने लगे। एक यूजर ने लिखा, "हाथी शांत जगहों के जानवर हैं, उन्हें शोर और भीड़ के बीच क्यों लाया जाता है?" एक और ने कहा, "उन्हें इज्ज़त और सुरक्षा मिलनी चाहिए, ना कि डर का माहौल।"
घटना के बाद कई पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने आवाज उठाई कि धार्मिक आयोजनों में जानवरों को शामिल करना उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। तेज आवाज और भीड़-भाड़ वाले माहौल में जानवरों का तनावग्रस्त होना आम बात है, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
लोगों ने सुझाव दिया कि इन हाथियों को ऐसी जगहों पर भेजा जाए जहां वे सुरक्षित और शांत माहौल में रह सकें। वडोदरा का वंतारा जैसे पशु केंद्रों का नाम भी इस दौरान सामने आया है, जो लंबे समय से जानवरों की मदद करते आ रहे हैं। यह वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं है, यह याद दिलाता है कि जानवरों के लिए हमारी जिम्मेदारी क्या है।
एक अन्य यूजर ने लिखा, ''अहमदाबाद रथयात्रा के दौरान हाथी के बेकाबू होने की वायरल तस्वीरें .. तस्स्वीरें और भयानक हो सकती थी पर महावतों, अहमदाबाद प्राणी सग्रहालय तथा वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर 15 मिनिट के भीतर भीतर हाथियों को काबू में कर लिया और आइसोलेट कर दिया और इन्हे बांध कर रख दिया गया है, दरअसल हर साल रथयात्रा की अगुआई गजराज करते हैं इसलिए महावतों और सम्बंधित विभागों के कर्मचारियों को इस तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए ट्रेन किया जाता है, यात्रा की अगुआई 17 गजराज कर रहे थे जिसमे 1 नर और 16 मादा शामिल थीं, यात्रा जब खाडिया गेट पहुंची तभी आगे जोर से DJ बजने लगा जिससे एक मादा घबरा गयी और उसने खतरे की वार्निंग वाली आवाज की और दौड़ने लगी जिससे नर हाथी एग्रेसिव गया और वो भी तेजी से आवाज से उलटी दिशा में भागने लगा, पर महावत , जू तथा वन विभाग के कर्मचारी एलर्ट थे, उन्होंने तुरंत इन्हे कॉर्नर किया और इन्ही के समूह की एक और हथनी को साथ लेकर यात्रा से अलग थलग कर दिया, तीसरी हथनी को इसलिए अलग किया गया क्योंकि अगर वो अपने साथियों को नहीं देखती तो एग्रेसिव हो सकती थी, वैसे जू और वन विभाग के अधिकारीयों के पास ट्रैंकुलाइजिंग गन भी होती हैं पर उसका उपयोग करने की जरुरत नहीं पड़ी।''
'गुजरात के अहमदाबाद में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था'
एक अन्य यूजर ने कहा, ''गुजरात के अहमदाबाद में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। तीन हाथी अचानक बेकाबू हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि प्रशासन की तत्परता से स्थिति को तुरंत काबू में लिया गया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। भीड़ में मची अफरा-तफरी ने यह दिखाया कि ऐसे आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम कितने अहम हैं।''
प्रशासन और आयोजन समिति के लिए चेतावनी
यह घटना आयोजकों और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि आने वाले वर्षों में ऐसे कार्यक्रमों के दौरान जानवरों की भलाई को प्राथमिकता दी जाए। कई लोगों ने मांग की है कि धार्मिक जुलूसों में जानवरों के इस्तेमाल पर पुनर्विचार किया जाए और अगर किया भी जाए तो उनके लिए सुरक्षित, शांत और नियंत्रित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।












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