26/11 की 12वीं बरसी रतन टाटा ने लिखी एक इमोशनल पोस्ट, फोटो पोस्ट कर बोले-हमें याद है
मुंबई। 26 नवंबर 2020 को मुंबई पर हुए आतंकी हमलों को 12 वर्ष पूरे हो गए हैं। 60 घंटे तक मुंबई का नजारा बिल्कुल वॉरजोन जैसा था और लग रहा था जैसे कोई युद्ध चल रहा हो। इस आतंकी हमले को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था। पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों ने आज ही के दिन मुंबई को दहला दिया था। इस आतंकी हमले में आतंकियों ने ताज होटल समेत कई जगहों को निशाना बनाया था। मुंबई हमलों की बरसी पर टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने ताज होटल की एक पेंटिंग शेयर की है और साथ में उन्होंने एक भावुक पोस्ट लिख उस दिन को याद किया है।

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रतन टाटा का भावुक पोस्ट
रतन टाटा ने ताज होटल की जो पेंटिंग शेयर की है, जिस पर लिखा है 'हमें याद है। इसके साथ उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'आज से 12 साल पहले जो विनाश हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा, लेकिन जो ज्यादा यादगार है, वह यह कि उस दिन आतंकवाद और विनाश को खत्म करने के लिए जिस तरह मुंबई के लोग सभी मतभेदों को भुलाकर एक साथ आए।' उन्होंने आगे लिखा, 'हमने जिनको खोया, जिन्होंने दुश्मन पर जीत पाने के लिए कुर्बानियां दीं, आज हम जरूर उनका शोक मना सकते हैं। लेकिन हमें उस एकता, दयालुता के उन कृत्यों और संवदेनशीलता की भी सराहना करनी होगी जो हमें बरकरार रखनी चाहिए और उम्मीद है कि आने वालों में यह और बढ़ेगी ही।' यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, उनके इस पोस्ट पर यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। रतन टाटा के पोस्ट पर कमेंट्स करते हुए लोग उस दिन आतंकियों से लोहा लेने वाले देश के बहादुर जवानों को याद कर रहे हैं। 12 साल पहले 26 नवंबर को रात करीब 9 बजे आतंकी मुंबई के दो सबसे प्रतिष्ठित होटलों , होटल ताज और ओबेरॉय ट्राइडेंट में दाखिल हुए। होटल ताज में छह धमाके हुए थे। ताज में आतंकियों ने 200 लोगों को बंधक बनाकर रखा था।भले ही होटल ताज ने हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान देखा लेकिन आज भी पर्यटकों का भरोसा इस पर कायम है। यह दोनों ही होटल सीएसटी से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर हैं।
हमलों में मारे गए थे 160 लोग
उन आतंकी हमले में लश्कर के आतंकियों ने दक्षिण मुंबई के प्रमुख स्थानों छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन, नरीमन हाउस कॉम्प्लेक्स, लियोपोल्ड कैफे, ताज होटल और टॉवर, ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल और कामा अस्पताल को निशाना बनाया। इस आतंकी हमले में करीब 160 लोगों की जान गई थी, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 60 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों 9 आतंकियों को मार गिराया था, जबकि जबकि एक आतंकी अजमल आमिर कसाब जिंदा पकड़ा गया था। एक छोटी सी नाव पर सवार पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने कभी न रुकने वाली मुंबई पर ब्रेक लगा दिया था। आतंकियों ने उन्होंने 12 जगहों पर फायरिंग और बॉम्बिंग शुरू कर दी। कोलाबा स्थित कैफे हमलों में निशाना बनने वाली सबसे पहली जगह था। दो आतंकियों ने यहां पर घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी थी। यहां पर हुए हमलों में 10 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे।












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