Ramrekha Dham Simdega: वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम आए थे सिमडेगा, जानें रामरेखा धाम का इतिहास
Ramrekha Dham Simdega: भगवान राम और माता सीता की स्मृतियों को खुद मे समेटे झारखंड सिमडेगा में स्थित रामरेखा धाम भक्तों के लिए एक आस्था का केंद्र है। कहा जाता है कि भगवान राम और माता सीता वनवास काल के दौरान सिमडेगा के रामरेखा धाम आए थे।
सिमडेगा से लगभग 26 किलोमीटर की दुरी पर बसे रामरेखा धाम पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा के वक्त श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है। देश भर से लोग यहां घूमने आते हैं। श्री रामरेखा धाम सदियों से भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।

कहा जाता है कि त्रेतायुग में श्रीरामरेखा धाम भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के चरण यहां पड़े थे। उनके चरण पड़ने की वजह से यह धाम पावन बन गया है।
ये धाम सैकड़ों फीट ऊंची पर्वतमाला के बीच स्थित है। यहां चट्टान के नीचे बनी विशालकाय गुफा की छत पर बनी लंबी रेखा ही रामरेखा कहा जाता है। यहां पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और भगवान शिव के मंदिर झुका हुआ गुफा में स्थित है।
भगवान राम और माता जानकी की स्मृतियों को खुद मे समेटे झारखंड सिमडेगा मे स्थित रामरेखा धाम भक्तों के लिये आस्था का केंद्र है।
— Jharkhand Tourism (@VisitJharkhand) September 15, 2021
सिमडेगा से लगभग 26 किलोमीटर की दुरी पर बसे रामरेखा धाम पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा के वक्त श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। @HemantSorenJMM pic.twitter.com/mtb5OLc7KC
यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर मेला का आयोजन किया जाता है। देशभर से लोग यहां मेला देखने आते हैं। भारत सरकार की 232 तीर्थस्थलों की सूची में ये जगह शामिल है।
यहां पर 24 मार्च 2022 को श्रीलंका की अशोक वाटिका से चल कर अयोध्या जाने के क्रम में श्रीराम वनगमन काव्य यात्रा रामरथ सिमडेगा के रामरेखाधाम भी पहुंची थी। ये रथ यात्रा उन सभी 232 जगहों पर पहुंची थी, जहां वनवास काल के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने कदम रखे थे।












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