Video:'पता नहीं मैं कैसे बचा', प्लेन क्रैश में जिंदा बचे शख्स से मिले PM मोदी, बताया कैसे सीट के साथ नीचे गिरा

Ramesh Viswash kumar: अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद 12 जून को लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI171 हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 241 यात्रियों की मौत हो गई। लेकिन इस भयावह त्रासदी के बीच एक नाम उम्मीद और राहत की किरण बनकर सामने आया-रमेश विश्वास कुमार। 40 वर्षीय भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास एयर इंडिया प्लेन क्रैश में चमत्कारिक रूप से जीवित बचने वाले एकमात्र यात्री रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून की सुबह रमेश विश्वास कुमार से सिविल अस्पताल में मिलने पहुंचे।

डीडी न्यूज के मुताबिक रमेश विश्वास कुमार से पीएम नरेंद्र मोदी ने बात की है और उनका हालचाल पूछा। पीएम मोदी ने पूछा कि ये हादसा कैसे हुआ। जवाब देते हुए रमेश ने कहा, ''मैं प्लेन की सीट 11A पर बैठा था। मुझे यकीन नहीं है कि मैं कैसे जिंदा बच पाया हूं। मेरी नजरों के सबकुछ सामने हुआ...। मुझे खुद नहीं पता कि मैं जिंदा कैसे हूं। कुछ पल के लिए मुझे लगा था कि मैं भी मरने वाला हूं। लेकिन जब मेरी आंख खुली तो मैं जिंदा था। तो मैंने ट्राई किया, मुझे लगा कि मैं बच सकता हूं, मैंने अपनी सीट से बेल्ट निकाला और वहां से भाग निकला।''

Ramesh Viswash kumar

रमेश विश्वास कुमार ने बताया टेक ऑफ होते ही क्या हुआ?

रमेश विश्वास कुमार ने कहा, ''जैसे ही फ्लाइट टेक ऑफ हुआ, एक मिनट के अंदर ही...5-10 सेकेंड के लिए ऐसा लगा...जैसे सबकुछ थम गया हो, बाद में प्लेन में ग्रीन और व्हाइट लाइट ऑन हो गई, बाद में पता नहीं कैसे... प्लेन टेक ऑफ ज्यादा करने के लिए, ऐसा लगा स्पीड बढ़ाई गई, उसी स्पीड की वजह से प्लेन गिर गया और हॉस्टल में जा घुसा। मेरे सामने सब खत्म हो गया।''

रमेश विश्वास कुमार ने बताया कैसे वो क्रैश विमान से बाहर निकले?

रमेश विश्वास कुमार ने कहा, ''मैं जिस साइड पर बैठा था, वो हॉस्टल पर लैंड नहीं हुई थी। मेरा विमान वाला हिस्सा...नीचे गिरा था। मुझे दूसरों के बारे में पता नहीं, मैं जहां लैंड हुआ था...वो नीचे की साइड थी। जैसे ही मेरा दरवाजा टूटा, मैंने देखा कि सामने कुछ खाली जगह है...तो मैंने निकलने की कोशिश की और मैं निकल गया। दूसरी साइड पर दीवार थी, वहां से शायद कोई निकल नहीं सकताा था। पता नहीं मैं कैसे बचा हूं... मेरे आंखों के सामने ही दो एयर होस्टेस, एक अंकल-आंटी और सब कुछ जल रहा था। मैं पैदल चलकर वहां से निकला था। आग लगने से मेरा लेफ्ट हैंड जल गया था।''

who is Ramesh Viswash kumar: कौन हैं रमेश विश्वास कुमार?

रमेश विश्वास कुमार, 40 वर्षीय भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं जो भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे। वह अपने 45 वर्षीय भाई अजय कुमार रमेश के साथ यूके लौट रहे थे। फ्लाइट में विश्वास सीट नंबर 11A पर बैठे थे, जबकि उनके भाई किसी और रो में थे। उनके भाई की मौत हो गई है।

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