NRC मुद्दे पर कांग्रेस सांसद के बयान पर बरसे रमन सिंह, पूछा क्या धर्मशाला बनाना चाहते हैं देश को?

नई दिल्ली। असम में एनआरसी मुद्दे पर जिस तरह से कांग्रेस सांसद चरनदास ने अवैध नागरिकों को बसाने पर विवादित बयान दिया है, उसपर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पलटवार किया है। चरनदास के बयान पर रमन सिंह ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि क्या आप देश को धर्मशाला बनाना चाहते हैं। कोई देश में जबरदस्ती घुस आए और हमारे संसाधनों का इस्तेमाल करे, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इन लोगों को वापस जाना होगा। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कांग्रेस देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है।

असम में एनआरसी मुद्दे पर जिस तरह से कांग्रेस सांसद चरनदास ने अवैध नागरिकों को बसाने पर विवादित बयान दिया है, उसपर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पलटवार किया है। चरनदास के बयान पर रमन सिंह ने पलटवार किया है, उन्होंने कहा कि क्या आप देश को धर्मशाला बनाना चाहते हैं। कोई देश में जबरदस्ती घुस आए और हमारे संसाधनों का इस्तेमाल करे, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इन लोगों को वापस जाना होगा। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कांग्रेस देश को किस दिशा में ले जाना चाहती है।

गौर करने वाली बात है कि कांग्रेस सांसद चरणदास महंत ने कहा कि इंदिरा जी का समय हो चाहे पूर्व हो, भारत ने सबको शरण दिया है। हमने किसिको भगाया नहीं है। कोई मेहमान बनकर आता है, कोई गरीब बनकर आता है। हम लोगों को उनको रखना चाहिए, उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। आपको बता दें कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजेन को लेकर असम में नई बहस शुरू हो गई है, इसकी बड़ी वजह यह है कि एनआरसी में 40 लाख ऐसे नागरिक हैं जिनके नाम को इसमे शामिल नहीं किया गया है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसपर सफाई दी थी

जिन लोगों के नाम को इसमे शामिल नहीं किया गया है उनमे कई ऐसे नाम हैं जो कि सरकारी नौकरी, सेना में शामिल हैं। ऐसे में लगातार एनआरसी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि यह अंतिम लिस्ट नहीं है, जिन लोगों के नाम इसमे नहीं है उसे अभी भी शामिल किया जा सकता है, ये लोग इसके लिए तय तारीख से पहले आवेदन कर सकते हैं।

ममता बनर्जी ने कविता के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा

वहीं इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कविता के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। तीन भाषाओं में लिखी हुई इस कविता को उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया। इस कविता का शीर्षक बंगाली में पोरिचोई, हिंदी में परिचय और अंग्रेजी में आइडेंटिटी है। उन्होंने कविता में लिखा कि भगवा पार्टी के खिलाफ विरोध जताने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+