सुषमा स्वराज ने नायडू को बांधी राखी, मिलिए राजनीति के दिग्गज भाई-बहनों से
नई दिल्ली। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज बात करते हैं राजनीति के दिग्गज भाई-बहनों की, जिन्होंने सत्ता की दहलीज में भले ही अलग पहचान बनायी हो लेकिन आत्मिक रिश्तों में भी ये किसी से कम नहीं है। कहीं ये रिश्ता खून का है और कहीं दिल का, जो वैसे तो दुनिया में कहीं भी हो लेकिन राखी पर एक-दूसरे के साथ जरूर होते हैं।
सुषमा स्वराज ने नायडू को बांधी राखी
देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू आदर्श भाई-बहनों की लिस्ट में आते हैं। दोनों ही की गिनती गंभीर आदर्श नेताओं के रूप में होती है, इन्हें करीब से जानने वाले कहते हैं कि ये दोनों जब भी आपस में मिलते हैं तो छोटे भाई-बहनों की तरह ही आपस में बातें करते हैं। दोनों ही विनोद प्रिय हैं और एक-दूसरे का काफी सम्मान करते हैं, दोनों का रिश्ता भले ही खून का ना हो लेकिन राजनीति के पथ पर दोनों भाई-बहन के रूप में लंबे वक्त से चलते आ रहे हैं ।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी
बात भाई-बहनों की हो और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र ना हो, भला ये कैसे हो सकता है। अपने बड़े भाई राहुल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाली प्रियंका गांधी हर मोर्चे और हर मुद्दे पर अपने भाई के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती हैं। मौजूदा वक्त में कांग्रेस की हालत काफी खराब है जिसके लिए राहुल गांधी पर काफी आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं लेकिन प्रियंका हर बार अपने भाई के साथ साए की तरह उन्हें बचाने का प्रयास करती हैं।

उमा भारती-लालजी टंडन
बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती और पार्टी के कद्दावर नेता लालजी टंडन भी आदर्श भाई-बहनों की लिस्ट में आते हैं। दोनों ही एक-दूसरे के रक्षा कवच बनकर हमेशा खड़े रहते हैं।

पीएम मोदी और आनंदीबेन पटेल
पीएम नरेंद्र मोदी और गुजरात की पूर्व सीएम आंनदी बेन पटेल भी आइडियल भाई-बहन है। भले ही ये रिश्ता खून का नहीं, दिल का है लेकिन बेहद ही मोहक, गंभीर, प्रेरणादायक और आदर्श है। मोदी अपने से ज्यादा आनंदीबेन पर भरोसा करते हैं जिसका सबूत दुनिया को तब मिला जब पीएम बनने के बाद उन्होंने गुजरात की सत्ता आनंदीबेन को सौंपी थी। वो हमेशा अपने संबोधन में आनंदबेन पटेल को बहन ही कहकर संबोधित करते हैं।












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