बीजेपी ने दो एक्स्ट्रा सीटें जीतकर बदल दिया समीकरण, राज्यसभा में NDA अब बहुमत से बस इतनी दूर
Rajya Sabha Election News: बीजेपी ने मंगलवार को हुए राज्यसभा चुनावों में दो अतिरिक्त सीटें जीत ली हैं। पार्टी को यूपी और हिमाचल प्रदेश में एक-एक अतिरिक्त सीटें मिली हैं, जिससे उच्च सदन का समीकरण सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में थोड़ा और झुक गया है।
राज्यसभा के 56 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव करवाए गए हैं। इनमें से मंगलवार को सिर्फ 15 सीटों के लिए ही वोटिंग की आवश्यकता पड़ी, बाकी सभी सीटों का परिणाम निर्विरोध घोषित कर दिया गया था।

राज्यसभा में बहुमत का मौजूदा आंकड़ा 121
राज्यसभा में सदस्यों की कुल संख्या 245 निर्धारित है। इनमें से जम्मू और कश्मीर की 4 और 1 मनोनीत सांसद की सीट खाली है। इस तरह से ऊपरी सदन की मौजूदा सदस्य क्षमता 240 सांसदों की है। मतलब, बहुमत का आंकड़ा 121 होता है।
राज्यसभा में भाजपा के हुए 97 सांसद
इस बार के राज्यसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी अधिकतम 28 सीटें ही जीत सकती थी। लेकिन, 30 सीटें जीतने के बाद भाजपा के राज्यसभा सांसदों की संख्या 97 में हो गई है। इनमें वे 5 मनोनीत सांसद भी हैं, जो सांसद बनने के बाद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
एनडीए के हुए कुल 117 सांसद, बहुमत के आंकड़े से 4 सीटें दूर
इनके अलावा बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए में सहयोगी पार्टियों (शिवसेना , एनसीपी , जेडीयू आदि) के सांसदों की कुल संख्या 20 है। इस तरह से राज्यसभा में एनडीए सांसदों की कुल संख्या अब 117 हो चुकी है। मतलब, 121 के बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 4 सीटें कम।
इस चुनाव में कांग्रेस को 9, टीएमसी को 4, वाईएसआरसीपी को 3, सपा को 2, राजद को 2, बीजेडी को 2, शिवसेना को 1, जेडीयू को 1, बीआरएस को 1 और एनसीपी को भी 1 सीट मिली है।
इनके अलावा 6 अन्य मनोनीत सांसद भी हैं, जिन्हें मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान ही राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान की वजह से राज्यसभा में भेजा है।
राज्यसभा में अन्य दलों के सांसदों की संख्या
इस तरह से अब कांग्रेस के 29, टीएमसी के 13, डीएमके और एएपी के 10-10, बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 9-9, बीआरएस के 7, आरजेडी के 6, सीपीएम के 5, अन्नाद्रमुक के 4, निर्दलीय-3, सपा और सीपीआई के 3-3 और अन्य छोटी पार्टियों के 24 सांसद रह गए हैं।
राज्यसभा में भी और मजबूत हुई मोदी सरकार
इस तरह से साफ है कि इस बार के राज्यसभा चुनाव के बाद केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार उच्च सदन में भी काफी मजबूत हो गई है।
पहले भी कई अहम मुद्दों पर उसे राज्यसभा में बीजेडी, वाईएसआरसीपी जैसे दलों का समर्थन मिल चुका है, जिन्होंने एक तरह से न्यूट्रल दलों की भूमिका निभाई है।












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