गलवान और तवांग में सेना के पराक्रम पर Rajnath Singh की दो टूक- भारत सुपरपावर बनना चाहता है, लेकिन...
गलवान और तवांग में भारतीय सेना के पराक्रम का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने दो टूक लहजे में कहा कि भारत सुपरपावर बनना चाहता है, लेकिन इसका मकसद धौंस जमाना नहीं, विश्व का कल्याण है।

अरुणाचल के तवांग में चीनी सैनिकों की आक्रामकता और भारत के रुख पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा, उकसाए जाने पर गलवान हो या तवांग, हमारे रक्षा बलों ने अपनी वीरता और पराक्रम को साबित किया है। दिल्ली में फिक्की के 95वें वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने कहा, भारत दुनिया के कल्याण के लिए काम करने के लिए महाशक्ति बनना चाहता है।
सुपरपावर बनने का मकसद धौंस जमाना नहीं
रक्षा मंत्री ने सरकार की भूमिका पर कहा, प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने संबोधन के दौरान देश को पांच प्रतिज्ञाओं के बारे में बताया, जो भारत को सुपर पावर बनाने के लिए आवश्यक हैं और यह नहीं माना जाना चाहिए कि हम किसी देश पर हावी होना चाहते हैं या किसी अन्य देश में जबरन घुसकर हम एक इंच जमीन पर भी कब्जा करने का इरादा रखते हैं।
भारत और चीन की तुलनात्मक तस्वीर पेश करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, 1949 में, चीन की जीडीपी भारत की तुलना में कम थी। 1980 तक भारत शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भी नहीं था... 2014 में भारत विश्व अर्थव्यवस्थाओं में 9वें स्थान पर था। आज भारत 3.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के करीब है और दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।












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