राजनाथ सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़कर जवान को गले लगाया, जानिए वजह
राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बीएसएफ के अलंकरण समारोह में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में साल 2014 में आतंकवादी हमले के दौरान कई गोलियां लगने से घायल हुए बीएसएफ के जवान गोधराज मीणा को गले लगाया।
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उस जवान को गले लगा लिया जिसने कश्मीर में आतंकियों की हवा निकाल दी थी। कश्मीर में आतंकरोधी अभियान के दौरान जवान ने आतंकियों की नींव हिला दी थी। राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के अलंकरण समारोह के दौरान उस जवान को वीरता मेडल से सम्मानित भी किया।

बीएसएफ के अलंकरण समारोह के दौरान गले लगाया
राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बीएसएफ के अलंकरण समारोह में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में साल 2014 में आतंकवादी हमले के दौरान कई गोलियां लगने से घायल हुए बीएसएफ के जवान गोधराज मीणा को वीरता मेडल से सम्मानित किया और उसके बाद प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना गले लगा लिया। आमतौर पर ऐसा नजारा बहुत ही कम देखने को मिलता है। अलंकरण समारोह में मीणा की बहादुरी का किस्सा बताते हुये राजनाथ सिंह ने कहा कि 5 अगस्त 2014को उधमपुर स्थित नरसू नाला के पास बीएसएफ के जवानों को ले जा रही बस पर आतंकी हमला कर दिया गया। बस की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे 44 साल के मीणा ने अदम्य साहस और सूझबूझ दिखाते हुए गोलीबारी के बीच दो आतंकवादियों को अपनी बंदूक से निशाना बनाया और आतंकियों को बस में घुसने से रोक दिया। मीणा की वजह से बस में सवार 30 जवानों की जान बची। हालांकि इस दौरान उनके जबड़े सहित शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गोली के कारण मीणा 85 प्रतिशत शारीरिक अक्षमता के शिकार हो गए। अब वह बोलने में भी असमर्थ हैं।
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा सभागार
मीणा के सीने पर राजनाथ सिंह द्वारा वीरता मेडल लगाए जाने से पहले उनके साहस की यह कहानी सुन विज्ञान भवन का विशाल सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इतना ही नहीं वीरता के तमगे से नवाजे गए मीणा द्वारा सलामी देने के प्रयास से प्रभावित सिंह ने प्रोटोकॉल तोड़ उन्हें गले से लगा लिया। प्रोटोकॉल के तहत मेडल मिलने के बाद सैनिक को सम्मानित करने वाले व्यक्ति से हाथ मिलाकर सलामी देनी होती है।समारोह में शिरकत कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे अनूठा क्षण बताते हुए कहा कि मीणा ने बोलने और चलने-फिरने में अक्षम होने के बावजूद अलंकरण समारोह में वीरता सम्मान पाने के लिए पूरी वर्दी धारण की। फिलहाल मीणा को प्रशासनिक ड्यूटी पर लगाया गया है।












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