'पापा, आपके अधूरे सपनों को साकार करना है', राजीव गांधी को याद कर भावुक हुए राहुल, PM मोदी ने क्या कहा?
Rajiv Gandhi 34th Death Anniversary 2025: दिल्ली की वीर भूमि पर बुधवार सुबह एक गहन मौन पसरा हुआ था। गुलाब की पंखुड़ियों के बीच, राजनीति से परे एक बेटे की आंखें नम थीं और उन आंखों में बस एक वादा झलक रहा था - 'पापा, आपके अधूरे सपनों को साकार करना है।' यह वाक्य राहुल गांधी ने 21 मई 2025 को अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 34वीं पुण्यतिथि पर कहा।
जहां एक ओर राष्ट्र उन्हें आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद कर रहा था, वहीं राहुल गांधी के शब्द निजी थे, गहरे थे। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा- 'आपकी यादें हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती हैं। आपके अधूरे सपनों को साकार करना ही मेरा संकल्प है - और मैं इन्हें पूरा करके रहूंगा।'

उस पथ पर चलते हुए, जिस पर कभी राजीव गांधी ने डिजिटल भारत की नींव रखी थी, राहुल गांधी ने भी अपने राजनीतिक जीवन को एक व्यक्तिगत मिशन का रूप दे दिया है - और इस पुण्यतिथि पर वह मिशन और भी स्पष्ट हो गया।
जानें PM मोदी ने क्या कहा?
उधर, वर्तमान पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
खड़गे का श्रद्धांजलि संदेश: 'भारत का एक महान सपूत'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस अवसर पर राजीव गांधी को याद करते हुए उन्हें 'भारत का महान सपूत' कहा। खड़गे ने यह भी कहा कि उनका साहसिक हस्तक्षेप भारत को 21वीं सदी के लिए तैयार करने में निर्णायक रहा। उन्होंने राजीव गांधी की दूर की सोच के अहम बिंदुओं को हाईलाइट किया-
- मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करना
- पंचायती राज को सशक्त बनाना
- भारत में आईटी और टेलीकॉम क्रांति की नींव रखना
- कम्प्यूटरीकरण को आगे बढ़ाना
- नई समावेशी शिक्षा नीति लाना
- सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत
पायलट और शिवकुमार ने साझा की व्यक्तिगत यादें
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजीव गांधी को 'दूरदर्शी नेता' कहते हुए लिखा- 'राजीव गांधी ने अपने आधुनिक सोच और निर्णयों से भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका योगदान हमारे लिए प्रेरणा है और उनकी स्मृति हमारे दिलों में अमर रहेगी।'
वहीं कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राजीव गांधी को 'गुरु' बताते हुए कहा कि उन्होंने डिजिटल इंडिया की नींव रखी, और राजनीति में मुझे जैसे कई युवाओं को सशक्त किया। आज भी श्रीपेरंबदूर में स्थित उनके स्मारक में कनकपुरा का ग्रेनाइट मौजूद है - कर्नाटक और राजीव गांधी के संबंधों का प्रतीक।
आधुनिक भारत के शिल्पकार
राजीव गांधी को अक्सर 'आधुनिक भारत के वास्तुकार' के रूप में जाना जाता है। कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा - 'भारत रत्न श्री राजीव गांधी के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित दृष्टिकोण ने भारत को 21वीं सदी में प्रवेश करने का रास्ता दिखाया। उनका योगदान अविस्मरणीय है।'
एक युवा प्रधानमंत्री, एक अधूरी क्रांति
राजीव गांधी, जिन्होंने मात्र 40 वर्ष की उम्र में देश की कमान संभाली, भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। 1984 से 1989 तक उनका कार्यकाल यद्यपि छोटा था, परंतु परिवर्तनकारी था।
21 मई 1991 को जब तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा में LTTE के आत्मघाती हमले में उनकी हत्या हुई, तब उनके कई सपने अधूरे रह गए - और वही सपने आज राहुल गांधी के लिए एक मिशन हैं।
वादों और विरासत के बीच
राजनीति में विरासतें अक्सर बोझ बन जाती हैं, लेकिन कुछ विरासतें प्रेरणा बनती हैं। राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी की भावनाओं में न तो केवल व्यक्तिगत दुःख था, न ही केवल राजनैतिक पोजिशनिंग - बल्कि एक ऐतिहासिक उत्तराधिकार को निभाने की प्रतिबद्धता थी। एक बेटे का वादा, एक नेता की विरासत और एक राष्ट्र की स्मृति - 21 मई सिर्फ एक पुण्यतिथि नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन गई।












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