Rajasthan Political Crisis: ऑडियो टेप मामले में आरोपियों ने वॉयस सैंपल देने से किया इनकार
नई दिल्ली। राजस्थान में जारी सियासी संकट में हर दिन नया मोड़ देखने को मिल रहा है। सनसनीखेज ऑडियो टेप सामने आने के बाद राजस्थान कांग्रेस और बीजेपी दोनों आमने- सामने आ गए हैं। इस मामले में राजस्थान सरकार ने कई नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी बीच खबर आ रही है कि, विधायक खरीद-फरोख्त मामले में आरोपी अशोक सिंह और भारत मलानी ने आगे की जांच के लिए अपनी आवाज के नमूने देने से इनकार कर दिया है।
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राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत की सरकार को कथित रूप से गिराने की कोशिशों के मामले में दो बीजेपी नेताओं भरत मालानी और अशोक सिंह को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद से राजस्थान एसओजी उनसे पूछताछ कर रही है। शनिवार को जब पुलिस ने जांच के लिए उनकी आवाज के नमूने मांगे तो दोनों नेताओं ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया। इस मामले में अब कोर्ट के जरिए अपना फैसला सुनाया जाएगा। राजस्थान SOG के मुताबिक मालानी की कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला है कि वे विधायकों को खरीद-फरोख्त में शामिल थे।
वहीं खरीद-फरोख्त मामले के आरोपी संजय जैन को एसओजी की ओर से अदालत में पेश करने के बाद आज अदालत ने जैन की चार दिन की रिमांड को मंजूरी दे दी है। शनिवार को कोर्ट में पेश हुए जैन को लेकर एसओजी की ओर से आठ दिन की रिमांड मांगी गई थी, इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अब चार दिन यानी 22 जुलाई तक की रिमांड को लेकर मंजूरी दे दी है। साथ ही मिली जानकारी के अनुसार अब इस मामले में जैन के वाइस सैंपल को लेकर भी अदालत में अर्जी लगा दी गई है।
वहीं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, विधानसभा में कांग्रेस के लोगों ने जिस प्रकार के कमेंट किए हैं, अगर उनको इकट्ठा करके कोई पब्लिश करे तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपके घर में 18 महीनों में जिस प्रकार के हालात रहे हैं, वही आपके बिखराव का कारण बना है। अगर वास्तव में आपके पास बहुमत है तो आ जाओ फ्लोर में, स्वयं अपनी तरफ से एप्लीकेशन दो कि हम फ्लोर टेस्ट कराकर समर्थन ले रहे हैं, एक पार्टी पहले अंदर लड़ी फिर सड़क पर लड़ी, होटलों में लड़ी और अब कोर्ट में लड़ रही है।












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