राजस्थान पुलिस ने NEET अभ्यर्थियों को पेपर लीक घोटाले से बचने के लिए किया आगाह
राजस्थान पुलिस ने NEET-UG 2025 परीक्षा से जुड़े संभावित साइबर धोखाधड़ी के बारे में मेडिकल आकांक्षियों और उनके परिवारों को चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड और राजस्थान साइबर अपराध शाखा ने बताया है कि धोखेबाज छात्रों और अभिभावकों को यह कहकर धोखा देने का प्रयास कर रहे हैं कि NEET का पेपर ऑनलाइन लीक हो गया है और उसे फीस लेकर उपलब्ध कराया जा रहा है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया अत्यधिक सुरक्षित और गोपनीय है, जिससे पेपर लीक होने की कोई संभावना ही नहीं है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो सभी मेडिकल संस्थानों में स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
पुलिस महानिदेशक साइबर अपराध हेमंत प्रियदर्शी ने कहा कि धोखेबाज टेलीग्राम ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पेपर के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं। यह गलत जानकारी जनता को बड़ी रकम से ठगने के उद्देश्य से है, जिससे 4 मई की परीक्षा तिथि नज़दीक आने पर छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा हो रही है।
प्रियदर्शी ने बताया कि इन धोखाधड़ियों को सुविधाजनक बनाने के लिए कई फर्जी टेलीग्राम चैनल बनाए गए हैं। एक ऐसा चैनल, जिसका नाम NEET PG Leaked Materials है, में लगभग 20,600 सदस्य हैं। इन प्लेटफार्मों पर धोखेबाज छात्रों से 50,000 रुपये से 70,000 रुपये तक की मांग कर रहे हैं।
निवारक उपाय
डीजीपी ने आकांक्षियों और उनके परिवारों को सलाह दी कि वे अपना रोल नंबर या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध स्क्रीनशॉट, ग्रुप लिंक, बैंक खाता विवरण, UPI आईडी या वॉलेट जानकारी की सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या निकटतम पुलिस स्टेशन को दें।












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