Rajsthan Live Murder: महज 14 वर्ष की आयु में छोड़ा घर, परिवार का हीरो था अफजारुल

जयपुर। जिस तरह से राजस्थान में अफजारुल खान को लव जिाहाद के नाम पर मौत के घाट उतार दिया गया, उसने देश को शर्मसार किया है। अफजारुल जोकि मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और वह राजस्थान में मजदूरी करने के लिए आया था। महज 14 वर्ष की आयु में अफजारुल ने काम करना शूरू कर दिया था। वह जिस इलाके से आता था वहां लोग स्मगलिंग, जाली नोटों का अवैध धंधा और ड्रग्स सप्लाई का काम करते थे, लेकिन अफजारुल ने इस रास्ते को चुनने की बजाए मेहनत और मजदूरी के विकल्प चुना, लेकिन किस्मत को उसका सही रास्ता चुनना शायद मंजूर नहीं था।

बचपन में छोड़ा स्कूल

बचपन में छोड़ा स्कूल

महज 14 वर्ष की आयु में अफजारुल ने अपने पिता व कुछ अन्य लड़कों के साथ राजस्थान जाने का फैसला लिया। अफजारुल पश्चिम बंगाल के सैयदपुर गांव जोकि मालदा जिले में आता है में रहता था। मालदा छोड़ने के बाद तकरीबन तीन दशक तक मेहनत मजदूरी करके अफजारुल ने अपना परिवार चलाया। बचपन में ही अफजारुल ने स्कूल जाना छोड़ दिया था। थोड़े-थोड़ पैसे जमा करके अफजारुल ने अपने भाई-बहनों की पढ़ाई कराई और उनका विवाह कराया। अफजारुल का खुद विवाह 22 वर्ष की आयु में हुआ था।

हमे नहीं पता क्या है लव जिहाद

हमे नहीं पता क्या है लव जिहाद

6 दिसंबर को अफजारुल को जबरन पकड़कर पहले बुरी तरह से पीटा गया और फिर से आग के हवाल कर दिया गया। शंभूलाल रेजर नाम के व्यक्ति ने अफजारुल को लव जिहाद के नाम पर मौत के घाट उतार दिया और पूरी घटना को अपने भतीजे से फोन से रिकॉर्ड कराया और इस वीडियो को सोशल मीडिया पर फैला दिया। सैयदपुर में अफजारुल की बेटी रेजीना जिसकी उम्र 21 वर्ष है का कहना है कि हमारे पिता हमेशा हमसे दूर रहते थे, लेकिन हमे हर रोज फोन करते थे, हम इस बात को लेकर दुखी थे कि वह कभी हमारे साथ नहीं रहते थे, लेकिन हम यह जानते थे कि वह घर चलाने के लिए बाहर रहते थे। हमे यह नहीं पता है कि लव जिहाद क्या होता है, लेकिन मुझे यह पता है कि मेरे पिता घर संभालते थे और पूरा जिम्मा अपने उपर लेते थे।

परिवार का हीरो था

परिवार का हीरो था

अफजारुल के बड़े भाई मोहम्मद तफज्जुल हुसैन खान का कहना है कि उसने हमेशा अपने परिवार के लिए त्याग किया, वह अपने परिवार का हीरो था, कम उम्र में उसने स्कूल जाना छोड़ दिया था ताकि हम पढ़ सके, उसने मुझे बी. कॉम की पढ़ाई कराई। दुर्भाग्य से इस डिग्री के बादद भी मुझे नौकरी नहीं मिल सकी, इसलिए मैं भी उसके साथ काम करने गया था। तफज्जुल राजस्थान जाने से पहले दिल्ली, बेंगलुरू, चेन्नई में अलग-अलग तरह की नौकरी किया करता था।

अब राजस्थान छोड़ने को मजबूर

अब राजस्थान छोड़ने को मजबूर

तफज्जुलल की बेटी जीनत खा जोकि बंगाली विषय से एमए की पढ़ाई कर रही है का कहना है कि यहां नौकरी नहीं है, जिसकी वजह से मेरे अंकल व पिता को बाहर नौकरी करने जाना पड़ा। मेरे अंकल हमेशा हमसे पढ़ने के लिए कहते थए ताकि वह हमारा परिवार बेहतर जीवन जी सके। हमारे यहां लड़कियों की उच्च शिक्षा आज भी मुश्किल सबब है, लेकिन अंकल ने मुझे और मेरी बहन को हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। अफजारुल के पिता हफीजुद्दीन खान और तमाम लोगों ने मालदा में मजदूरी करके अपना जीवन यापन किया था। लेकिन जिस तरह से अफजारुल की निर्मम हत्या हुई है उसके बाद पूरे परिवार और आस पड़ोस के लोग राजस्थान से पलायन करने लगे हैं।

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