जेएनयू में 'कंडोम गिनने' वाले विधायक आहूजा बने राजस्थान BJP के वाइस प्रेसिडेंट, नामांकन लिया वापस
अलवर। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक ज्ञानदेव आहूजा, जो टिकट नहीं मिलने की वजह से नाराज चल रहे थे, उन्हें पार्टी ने एक ऊंचा ओहदे से नवाज कर मना लिया है। ज्ञानदेव आहूजा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिन्होंने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से किनारा कर विधानसभा चुनाव के लिए निर्दलीय नामांकन भरा था। हालांकि, बीजेपी ने ज्ञानदेव आहूजा को स्टेट वाइस प्रेसिडेंट के रूप में नियुक्त कर दिया है।

राजस्थान बीजेपी वाइस प्रेसिडेंट बनने के बाद आहूजा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। बता दें कि बीजेपी ने इस बार आहूजा को टिकट नहीं दिया है, जो अलवर के रामगढ़ से विधायक है। इसी वजह से पार्टी से नाराज होकर आहूजा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया था और कहा था कि जीतने के बाद वह वापस बीजेपी ज्वॉइन करेंगे।
बता दें कि 2016 ने आहुजा ने कहा था कि जेएनयू में रोजाना 3000 बीयर की बोतलें, 2000 शराब की बोतलें, 10 हजार सिगरेट के टुकड़े, 4 हजार बीड़ी, 50 हजार हड्डियों के टुकड़े, 2 हजार चिप्स के पैकेट, 3 हजार उपयोग किए गए कंडोम और 500 गर्भपात के इंजेक्शन मिलते हैं। उन्होंने कहा था कि वे हमारी बहनों और बेटियों के साथ गलत काम करते हैं। आहुज ने साथ में यह भी कहा था कि रात को 8 बजे के बाद कैंपस में स्टूडेंट्स ड्रग्स लेते हैं।
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