'मेरे धैर्य का इम्तिहान न लें, सत्ता हमेशा के लिए नहीं', उद्धव ठाकरे को मनसे चीफ की खुली चुनौती
नई दिल्ली, 10 मई। लाउडस्पीकर विवाद (loudspeaker controversy) के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने एक बार फिर से सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) को चेतावनी दी है। मनसे प्रमुख ने सीएम उद्धव ठाकरे चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे धैर्य की परीक्षा न लें। उन्होंने मराठी भाषा में उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर उसे ट्विटर पर शेयर किया। जिसमें लिखा है कि 'सत्ता का कोई भी ताम्रपत्र लेकर नहीं आया है। सत्ता आती-जाती रहती है, किसी के पास टिकती नहीं है।

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के सीएम व अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को पत्र के जरिए मनसे की मांगों से आगाह किया साथ इसे नजअंदाज करने पर खुली चेतावनी भी दी। मराठी भाषा में लिखे अपने पत्र को शेयर करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि मुझे राज्य सरकार से केवल एक ही बात कहनी है। हमारे धैर्य का अंत मत देखो। सत्ता आती है चली जाती है। सत्ता का ताम्र पत्र लेकर कोई नहीं लाया। उद्धव ठाकरे आप भी नहीं।
मनसे चीफ ने अपने पत्र में लिखा 'सत्ता का कोई भी ताम्रपत्र लेकर नहीं आया है। सत्ता आती-जाती रहती है, किसी के पास टिकती नहीं है। उद्धव ठाकरे आपके पास भी सत्ता हमेशा नहीं रहने वाली है। चार तारीख को लाउडस्पीकर को उतारने को लेकर जो हमारी मुहिम थी, उसके खिलाफ महाराष्ट्र भर के तमाम सारे महाराष्ट्र सैनिकों के ऊपर आपकी पुलिस और सरकार की तरफ से कार्रवाई की जा रही है।'
मनसे प्रमुख ने सीएम उद्धव ठाकरे को चुनौती देते हुए अपने ओपन लेटर में मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया। राज ठाकरे ने अपने ओपन लेटर में आगे कहा कि सरकार की यह कार्रवाई महाराष्ट्र के साथ पूरा हिंदू समाज देख रहा है। अभी तक लाउडस्पीकर को लेकर 28 हजार मनसे कार्यकर्ताओं को नोटिस दिया गया है। उन्हें ऐसे ढूंढा जा रहा है, मानों वह कोई आतंकी हों। सत्ता आती है और चली जाती है।
ठाकरे कहते हैं कि हमारे हजारों कार्यकर्ताओं के साथ तड़ीपार जैसा व्यवहार किया गया। उन्हें जेल में डाला गया। केवल मस्जिदों से अवैध लाउडस्पीकर हटाने की मांग करने के लिए। पुलिस हमारे साथियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की ऐसे तलाश कर रही है, जैसे कि वे पाकिस्तान के आतंकवादी हों।












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