लखनऊ में प्रियंका गांधी की पदयात्रा में नहीं पहुंचे राज बब्बर, ये दो बड़े चेहरे रहे साथ

लखनऊ। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस पार्टी ने देश के कई हिस्सों में पदयात्रा की। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में 'शांति मार्च' निकाला गया, जबकि दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई। लखनऊ में पदयात्रा के दौरान प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि पहले उनको (बीजेपी) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलना चाहिए, बाद में उनके बारे में बात करना चाहिए। जबकि, प्रियंका गांधी के शांति मार्च में यूपी कांग्रेस के एक दिग्गज नेता की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।

प्रियंका की पदयात्रा में शामिल नहीं हुए राज बब्बर

प्रियंका की पदयात्रा में शामिल नहीं हुए राज बब्बर

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर इस पदयात्रा के दौरान कहीं नजर नहीं आए। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान यूपी में कांग्रेस की करारी हार के बाद राज बब्बर पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। हालांकि, नया अध्यक्ष चुने जाने तक वे पार्टी के अध्यक्ष हैं। राज बब्बर के बारे में पिछले दिनों अफवाहों का बाजार गर्म रहा कि वे बीजेपी में भी शामिल हो सकते हैं।

प्रियंका गांधी के साथ थे जितिन प्रसाद और प्रमोद तिवारी

प्रियंका गांधी के साथ थे जितिन प्रसाद और प्रमोद तिवारी

प्रियंका गांधी की पदयात्रा के दौरान राज बब्बर की गैरमौजूदगी में जो दो बड़े चेहरे नजर आए, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी थे। पदयात्रा के दौरान दोनों नेता प्रियंका गांधी के पीछे चलते नजर आए। प्रियंका ने कार्यकर्ताओं के साथ करीब 3 किमी पैदल मार्च किया। गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च के बाद प्रियंका गांधी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक, प्रियंका को प्रदेश कार्यालय जाकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करना था, लेकिन जिला प्रशासन से मिली समय सीमा खत्म होने के कारण प्रियंका बिना पार्टी कार्यालय गए ही वापस लौट गईं।

ये गांधी बनाम गोडसे की लड़ाई है- प्रमोद तिवारी

ये गांधी बनाम गोडसे की लड़ाई है- प्रमोद तिवारी

प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये लड़ाई गांधी बनाम गोडसे की है। देश का राष्ट्रपिता एक ही है, दूसरा राष्ट्रपिता देश स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जो गोडसे की विचारधारा का प्रचार करते हैं, मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता हूं। वहीं, विधानसभा के विशेष सत्र पर टिप्पणी करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि ऐसे सत्र का क्या मतलब। पहले गांधी जी की विचारधारा पर चलो।

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