पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'भारत गौरव ट्रेन' चलाएगा रेलवे, 180 से ज्यादा ट्रेनें आवंटित- रेल मंत्री
नई दिल्ली, 23 नवंबर: भारत सरकार ने भारतीय रेलवे के क्षेत्र में बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब रेलवे यात्री सेवा, माल ढुलाई के साथ-साथ इसे टूरिज्म सेक्टर से भी जोड़ रहा है। इसके तहत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज 180 से ज्यादा 'भारत गौरव ट्रेन' आवंटित करने का ऐलान किया है, जिसके लिए 3,000 से ज्यादा कोच की पहचान की गई है। रेल मंत्री ने बताया कि देश में पर्यटन की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं और काफी लंबे विचार-विमर्श के बाद इस तरह की ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है। इस बीच रामायण स्पेशल के कर्मचारियों को भगवा यूनिफॉर्म देने पर हुए विवाद के बारे में उन्होंने कहा है कि हमें सीखने का मौका मिला है।

भारत गौरव ट्रेन- 180 ट्रेनें आवंटित
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को 180 से ज्यादा भारत गौरव ट्रेन आवंटित करने का ऐलान किया है, जिसके लिए आवेदन मंगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके जरिए मोदी सरकार पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहती है। रेल मंत्री ने कहा है, 'हमने 180 से ज्यादा भारत गौरव ट्रेन आवंटित किए हैं और 3,033 कोच की भी पहचान की गई है। हम आज से आवेदन लेना शुरू कर रहे हैं। हमें अच्छा रेस्पॉन्स मिला है। स्टेकहोल्डर्स अपने हिसाब से और अपनी जरूरतों के मुताबिक कोच को मोडिफाई करके चला सकेंगे और रेलवे उन्हें मेंटेनेंस, पार्किंग और बाकी सुविधाओं में मदद करेगा।'
भारत गौरव ट्रेन का किराया कैसे तय होगा ?
रेल मंत्री ने कहा है कि अभी तक रेलवे का दो सेगमेंट है- पैसेंजर और माल ढुलाई। लेकिन, यह पूरी तरह से नया सेगमेंट है। उन्होंने कहा है कि 'यह पूरी तरह से नया सेगमेंट है। यह रेगुलर ट्रेन सर्विस नहीं है। भारत गौरव ट्रेनों का मुख्य मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना है और इसके कई सारे आयाम हैं।' उन्होंने बताया कि मान लीजिए कि ओडिशा या राजस्थान टूरिज्म दो या तीन या अपनी जरूर के हिसाब से ट्रेन लेता है तो वह अपनी थीम के हिसाब से उसमें बदलाव कर सकेंगे। वही उस ट्रेन को चलाएंगे और उन्हें बाकी जो भी जरूरत होगी वह रेलवे मुहैया कराएगा। उन्होंने किराए के बारे में साफ किया कि प्रैक्टिकली यह टूर ऑपरेटर (भारत गौरव ट्रेन को चलाने वाले) ही तय करेंगे, रेलवे सिर्फ यह नजर रखेगा कि किसी भी तरह की असमानता न हो।

भगवा यूनिफॉर्म विवाद पर बोले मंत्री- हमने इससे सीखा है
इस बीच रामायण स्पेशल ट्रेन में सर्विंग स्टाफ को भगवा यूनिफॉर्म देने के मामले में छिड़े विवाद पर रेल मंत्री ने कहा है कि 'हमने इससे सीखा है। जब हम संस्कृति से जुड़े मसले को डील करते हैं, तो उससे कई संवेदनशील विषय जुड़ जाते हैं। हमें अपनी डिजाइनिंग, भोजन, कपड़ों और बाकी चीजों को अपनाते समय सचेत रहना चाहिए। हमें इस सीख के साथ आगे बढ़ना चाहिए।' इस बीच संतों की आपत्ति के बाद भारतीय रेलवे ने रामायण स्पेशल ट्रेन से सर्विंग स्टाफ के भगवा यूनिफॉर्म बदल दिए हैं। रेलवे ने कहा है, 'सर्विस स्टाफ की ड्रेस पूरी तरह से बदल दी गई है ताकि वह पेशेवर पोशाक में दिखें। आपको हुई असुविधा के लिए खेद है।'












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