ट्रेन में सफर के दौरान अगर सुरक्षाकर्मी की पड़ी जरूरत तो याद कर लें ये सीट नंबर, फौरन मिलेगी मदद

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नयी दिल्‍ली। सफर के दौरान ट्रेन में हो रहे अपराधों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किया गया है जिसके अंर्तगत बोगी का एक सीट (सीट नंबर 63) रेल यात्री की सुरक्षा में तैनात जवान के लिए आरक्षित किया गया है। हालांकि यह सिर्फ S1 कोच में होगा। तो आपको अब सुरक्षा कर्मी को कहीं तलाशने की जरूरत नहीं है। जरूरत पर आप सीधे S1 बोगी के सीट नंबर 63 पर पहुंच जाएं। आपको बता दें कि ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के साथ हो रहे अपराधों की गिनती आए दिन बढ़ती जा रही है। हाल फिलहाल की बात करें तो सफर के दौरान महिलाओं के साथ होने वाले कई मामले सामने आए हैं।

ट्रेन में सफर के दौरान अगर सुरक्षाकर्मी की पड़ी जरूरत तो याद कर लें ये सीट नंबर, फौरन मिलेगी मदद

रेलवे ने हाल में इस बारे में औपचारिक आदेश जारी किया है। इसके तहत अगर किसी ट्रेन में सिक्युरिटी की जिम्मेदारी जीआरपी की है तो इस सीट पर जीआरपी का कर्मी उपलब्ध होगा और अगर ट्रेन की जिम्मेदारी आरपीएफ की है तो उसका जवान वहां उपलब्ध होगा। अगर ट्रेन में सफर के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं रहता है, तो यह सीट रिजर्व नहीं होगी। हालांकि जिन यात्रियों ने पहले से ट्रेन का टिकट लिया है और उनके पास एस-1 कोच का 63 बर्थ मिला तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे यात्रियों की यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बता दें कि भारतीय रेलवे टीटीई की सीट भी तय कर चुका है। यात्रियों को ट्रेन में टीटीई को खोजने के लिए एक कोच से दूसरे कोच नहीं भटकना पड़ेगा। रेलवे ने सर्कुलर जारी कर सभी श्रेणियों में टीटीई और सुरक्षा गार्ड्स के बर्थ तय कर दिए हैं। शताब्दी और राजधानी जैसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में हर स्लीपर कोच के 7 नंबर बर्थ टीटीई की होगी।

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English summary
The Railways has earmarked an entire berth for security personnel to enable the passengers to contact them in case of any untoward incident during the course of the journey.
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