पहले दिन ही तेजस एक्सप्रेस का हुआ विरोध, रेल कर्मियों ने की रोकने की कोशिश
नई दिल्ली। रेलवे के निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारियों ने गाजियाबाद में तेजस एक्सप्रेस को रोका। अपनी पहली ही यात्रा में इस ट्रेन को रेलकर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ा। गाजियाबाद में रेलवे कर्मचारी रेलवे बोर्ड और सरकार के इस निजीकरण का विरोध करते नजर आए। ट्रेन रुकने की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तब जाकर ट्रेन अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो पाई। इस दौरान तेजस करीब दस मिनट तक गाजियाबाद स्टेशन पर रुकी रही।

वहीं शुक्रवार को रवाना होने के बाद करीब 10 बजे कानपुर रेलवे जंक्शन पहुंच गई। कानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद रेलवे मेंस यूनियन के कर्मचारियों ने प्लेटफार्म पर ही तेजस का विरोध शुरू कर दिया। इससे पहले उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के कर्मचारी सैंकड़ों की संख्या में एकत्र होकर सभी कर्मचारी ग़ाज़ियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे और तेजस एक्सप्रेस के सामने अपना विरोध जताया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर आरपीएफ़, जीआरपी और गाजियाबाद पुलिस की टीमें पहुंचीं। ट्रेन के सामने आते ही यूआरएमयू के कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। इसके बाद तेजस ट्रेन बिना किसी अवरोध के रवाना हो गई। निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि रेलवे का निजीकरण करना शुरू कर दिया है। इस तरह से प्राइवेट कम्पनियां अपने कर्मचारी भर्ती करेंगीं, जिससे रेलवे के कर्मचारी सड़क पर आ जाएंगे।
देश की कॉर्पोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस देश की पहली प्राइवेट ट्रेन है। लखनऊ जंक्शन से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया। ये ट्रेन लखनऊ-दिल्ली और मुम्बई-अहमदाबाद के बीच चलेगी। हफ्ते में 6 दिन चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का संचालन और टिकटिंग का सारा ज़िम्मा आईआरसीटीसी के पास है।












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