9 बजे के बाद आए ऑफिस तो कट जाएगी आधे दिन की सैलरी! रेल बोर्ड ने कर्मचारियों पर दिखाई सख्ती
भारतीय रेल उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जो ना तो समय पर ऑफिस पहुंचते और समय से पहले ही ऑफिस से निकल जाते थे। रेलवे अब ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ ना सिर्फ कार्रवाई करेगा बल्कि उनकी सैलरी को भी काटेगा।
रेल बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, कर्मचारी सुबह 9 बजे तक (ऑफिस) आ जाएं नहीं तो आधे दिन की कैजुअल लीव लगा दी जाएगी जिससे उनकी सैलरी भी कट दी जाएगी। अगर कर्मचारी बार-बार ऐसा करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि, हाल ही में यह देखा गया है कि समय पर कार्यालय आने वाले कर्मचारियों (दोनों अधिकारियों/कर्मचारियों) के प्रतिशत में काफी गिरावट आई है जिसे प्रशासन द्वारा गंभीरता से देखा गया है।
रेलवे ने अपने आदेश में कहा है कि, कार्यालय के सभी अधिकारियों से सुबह 9.00 (पूर्वाहन) बजे तक उनकी सीट पर और कार्य पर होना अपेक्षित है। सभी अधिकारियों द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि न केवल उनके अधीन कार्यरत कर्मचारी बल्कि वे स्वयं भी कार्यालय समय का पालन करें। कार्यालय में सभी कार्य दिवसों में उपस्थिति के सामान्य घंटे 9.00 (पूर्वाहन) से 5.30 (अपराहन ) बजे तक हैं, जिसमें दोपहर के भोजन का अंतराल 1.00 (अपराहन) से 1.30 (अपराहन) बजे तक आधा घंटे का है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक दिन देर से आने पर आधे दिन का आकस्मिक अवकाश काटा जाएगा। हालांकि, इसमें कहा गया है कि एक महीने में ज्यादा से ज्यादा दो बार एक घंटे की देरी से आने वालों को माफ कर दिया जाएगा। इसमें कहा गया, "आकस्मिक अवकाश (या कोई आकस्मिक अवकाश उपलब्ध न होने पर औसत वेतन पर छुट्टी) काटने के अलावा, आदतन देर से आने वाले रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जल्दी जाने को भी देर से आने के समान ही माना जाएगा।
2016 और 2017 में समय पर ऑफिस आने और सुपरवाइजर द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की उचित निगरानी के आदेश जारी किए गए थे। अनुभाग अधिकारियों और कार्यकारी निदेशकों को उनके अधीन काम करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।












Click it and Unblock the Notifications